फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   NPPA Report Boom in trade of antibiotics increase of 11 percent between 2018 to 2023

NPPA Report: एंटीबायोटिक दवाओं के व्यापार में उछाल, 2018 से 2023 के बीच 11 फीसदी का हुआ इजाफा

Sat, 30 Mar 2024 06:18 AM IST
जलज मिश्रा परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Sat, 30 Mar 2024 06:18 AM IST
सार

राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) की एक रिपोर्ट के अनुसार, एंटीबायोटिक की बिक्री में यह उछाल उसी अवधि में आया है, जिसमें राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) ने देश का पहला सर्वे कर बताया, 55 फीसदी से ज्यादा मरीजों को दो या उससे अधिक एंटीबायोटिक दवाएं लेने की सलाह डॉक्टर दे रहे हैं।

विज्ञापन
NPPA Report Boom in trade of antibiotics increase of 11 percent between 2018 to 2023
एंटीबायोटिक - फोटो : pixabay

विस्तार

देश में एंटीबायोटिक दवाओं के कारोबार में बड़ा उछाल आया है। साल 2018 से 2023 के बीच  इन दवाओं का कारोबार 11 फीसदी तक बढ़ा है। पिछले साल अप्रैल से लेकर नवंबर माह के बीच मरीजों ने 10 हजार करोड़ से अधिक की दवाओं का सेवन किया। इसमें से 57 फीसदी दवाओं की खपत उन मरीजों में हुई, जिन्हें गंभीर संक्रमण था।

विज्ञापन

राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) की एक रिपोर्ट के अनुसार, एंटीबायोटिक की बिक्री में यह उछाल उसी अवधि में आया है, जिसमें राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) ने देश का पहला सर्वे कर बताया, 55 फीसदी से ज्यादा मरीजों को दो या उससे अधिक एंटीबायोटिक दवाएं लेने की सलाह डॉक्टर दे रहे हैं। इस सर्वे के बाद केंद्र ने एंटीबायोटिक दवाओं की बिक्री व सेवन को लेकर सख्त निर्देश लागू किए। एनपीपीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 257 एंटीबायोटिक दवाओं को तीन श्रेणी में बांटा है। एक्सेस श्रेणी में 87, वॉच श्रेणी में 141व रिजर्व श्रेणी में 29 तरह की दवाएं हैं। रिपोर्ट के अनुसार, खपत में 16 फीसदी की वृद्धि रिजर्व श्रेणी की दवाओं में हुई है, जबकि इसकी केवल कुछ ही दवाएं आपूर्ति में हैं। 12 फीसदी की वृद्धि एक्सेस श्रेणी में और 10 फीसदी वृद्धि वॉच ग्रुप की एंटीबायोटिक दवाओं की खपत में हुई है।

विज्ञापन

एंटीबायोटिक के ये हैं नुकसान
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, एंटीबायोटिक दवाओं से एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) होता है जिसे दुनिया के शीर्ष 10 सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरों में से एक माना जाता है। बैक्टीरियल एएमआर का 2019 में 12.7 लाख वैश्विक मौतों से सीधा संबंध था व 49.5 लाख मौतें पूरी तरह दवा प्रतिरोधी संक्रमण से जुड़ी थीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

भारत में यह है स्थिति
स्वास्थ्य महानिदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, सरकार के अध्ययन में पता चला कि देश में 72% दवाएं एंटीबायोटिक ही इस्तेमाल हो रही हैं। नवंबर 2021 से अप्रैल 2022 के बीच 20 अस्पतालों में यह अध्ययन हुआ। साल 2019 में हुई 2.97 लाख लोगों की मौत के लिए एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) को कारण माना गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed