फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   No party has written to me about boycotting joint committee of Parliament: LS Speaker Birla

Om Birla: 'किसी भी दल ने लिखित में बहिष्कार नहीं किया..', तीन विधेयकों की जेपीसी जांच पर बोले लोकसभा अध्यक्ष

Sat, 13 Sep 2025 07:27 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू। Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 13 Sep 2025 07:27 PM IST
सार

Om Birla: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल ने तीन विधेयकों की जांच के लिए संयुक्त समिति (जेपीसी) का बहिष्कार करने के लिए कोई पत्र नहीं भेजा है। हालांकि तृणमूल कांग्रेस, सपा, शिवसेना (उद्धव गुट) और आम आदमी पार्टी पहले ही समिति से दूरी बना चुकी हैं, जबकि कांग्रेस ने अभी तक रुख स्पष्ट नहीं किया है। 

विज्ञापन
No party has written to me about boycotting joint committee of Parliament: LS Speaker Birla
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला - फोटो : अमर उजाला (फाइल)

विस्तार

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को कहा कि किसी भी राजनीतिक दल ने उन्हें यह लिखित रूप में जानकारी नहीं दी है कि वह संसद की उस संयुक्त समिति (जेपीसी) का बहिष्कार करना चाहता है, जो उन तीन विधेयकों की जांच करेगी, जिसमें गंभीर आरोप में लगातार तीस दिन तक गिरफ्तार रहने वाले उच्च पदस्थ शीर्ष अधिकारियों को पद से हटाने का प्रावधान है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), समाजवादी पार्टी, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और आम आदमी पार्टी पहले ही कह चुकी हैं कि वह समिति का हिस्सा नहीं बनेंगी, वहीं, कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अब तक अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है। 
विज्ञापन

 
ओम बिरला ने एक सवाल के जवाब में कहा, संयुक्त समिति को लेकर किसी भी राजनीतिक दल ने मुझे इस विषय पर लिखित रूप में कुछ नहीं बताया है। मानसून सत्र के अंतिम दिन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में तीन अहम विधेयक पेश किए थे- केंद्र शासित प्रदेश (संशोधन) विधेयक, संविधान (130वां संशोधन) विधेयक और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक। इन विधेयकों में यह प्रावधान है कि अगर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री किसी गंभीर आरोप में लगातार 30 दिनों तक गिरफ्तार रहते हैं, तो उन्हें पद से हटा दिया जाएगा।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: गौरव गोगोई ने PM के मणिपुर दौरे पर साधा निशाना, कहा- जमीनी हकीकत पर नहीं, मोदी की छवि चमकाने पर फोकस
विज्ञापन
विज्ञापन


लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने राजनीतिक दलों से अनुरोध किया है कि वे अपने-अपने सांसदों के नाम समिति के लिए भेजें। ओम बिरला ने कहा, जब राजनीतिक दलों से सांसदों के नाम मिल जाएंगे, तब संयुक्त समिति का गठन कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि संसदीय समितियां राजनीति से ऊपर होती हैं और इनमें सदस्य खुलकर अपने विचार रख सकते हैं।

वहीं, इन विधेयकों का विपक्ष ने तीखा विरोध किया है। विपक्षी दलों का कहना है कि ये विधेयक असांविधानिक हैं और इनका मकसद राज्यों की सत्ता में बैठे नेताओं को निशाना बनाना है। जैसे ही ये विधेयक पेश किए गए, गृहमंत्री ने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि इन विधेयकों को जांच के लिए संयुक्त समिति को भेजा जाए, जिसमें लोकसभा से 21 और राज्यसभा से 10 सदस्य होंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed