{"_id":"6a9704b2c77088f0ef0a6f11","slug":"who-has-right-to-shiv-sena-bow-and-arrow-symbol-eknath-shinde-says-uddhav-thackeray-eye-on-balasaheb-emblem-2026-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिवसेना के धनुष-बाण पर किसका हक?: उद्धव की मांग पर शिंदे ने खोला मोर्चा; बोले- बालासाहेब के प्रिय निशान पर नजर","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
शिवसेना के धनुष-बाण पर किसका हक?: उद्धव की मांग पर शिंदे ने खोला मोर्चा; बोले- बालासाहेब के प्रिय निशान पर नजर
Tue, 01 Sep 2026 10:34 PM IST
प्रशांत तिवारी
पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Tue, 01 Sep 2026 10:34 PM IST
सार
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना (UBT) पर बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा और हिंदुत्व के साथ-साथ अब उनके प्रिय ‘धनुष-बाण’ चुनाव चिह्न को निशाना बनाने का आरोप लगाया। यह विवाद शिवसेना के चुनाव चिह्न और पार्टी पर अधिकार से जुड़े सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले का हिस्सा है।
विज्ञापन
एकनाथ शिंदे
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने ‘धनुष-बाण’ चुनाव चिह्न को फ्रीज करने की मांग को लेकर विपक्षी गुट पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उसने पहले बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को छोड़ दिया और अब उस चुनाव चिह्न को निशाना बना रहा है, जो बालासाहेब को बेहद प्रिय था। शिंदे यहां शिवसेना विवाद से जुड़ी सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के सिलसिले में पहुंचे हैं।
विज्ञापन
संविधान और चुनाव आयोग की शक्तियों से जुड़े हैं सवाल
शिंदे ने कहा कि इस मामले में संविधान, पार्टी के संविधान और चुनाव आयोग की शक्तियों से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल शामिल हैं। उन्होंने कहा, 'धनुष-बाण का चुनाव चिह्न बालासाहेब के लिए जीवन से भी अधिक प्रिय था। वह अपने निजी पूजा स्थल में इसकी पूजा किया करते थे। 2019 में उन्होंने बालासाहेब की विचारधारा को फ्रीज किया, हिंदुत्व को फ्रीज किया, महाराष्ट्र की जनता के जनादेश को फ्रीज किया और यहां तक कि बालासाहेब के बनाए पार्टी संविधान को भी फ्रीज कर दिया। अब वे धनुष-बाण चुनाव चिह्न को फ्रीज करने की मांग कर रहे हैं।' शिवसेना प्रमुख शिंदे ने आरोप लगाया कि बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा, हिंदुत्व पर उनके रुख और पार्टी की नीतियों को मिटाने की कोशिश की जा रही है।
विज्ञापन
UBT ने चुनाव आयोग के फैसले को दी है चुनौती
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले UBT गुट ने चुनाव आयोग के फरवरी 2023 के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को असली शिवसेना के रूप में मान्यता दी गई थी और उसे ‘धनुष-बाण’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया था।
विज्ञापन
UBT ने धनुष-बाण चिह्न फ्रीज करने की रखी दलील
पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान UBT की ओर से दलील दी गई थी कि ‘धनुष-बाण’ चुनाव चिह्न उसे दिया जाना चाहिए या फिर उसे फ्रीज कर देना चाहिए। UBT का तर्क था कि 2022 में हुए विभाजन का लाभ शिंदे गुट को चुनाव चिह्न अपने पास बनाए रखने के रूप में मिलता रहा है।
अपनी बारी आने पर जवाब देने की बात
शिंदे ने कहा कि विपक्षी पक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब तब दिया जाएगा, जब उनकी पार्टी की ओर से दलीलें पेश करने की बारी आएगी।
मोदी की तस्वीर हटाने के विवाद पर भी बोले शिंदे
पुणे के एक सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थान से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटाए जाने को लेकर चल रहे विवाद पर शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा छत्रपति शिवाजी महाराज का सर्वोच्च सम्मान किया है। उन्होंने भारतीय नौसेना के ध्वज में मराठा शासक की ‘राजमुद्रा’ को शामिल किए जाने का भी उल्लेख किया।
ये भी पढ़ें: कांगड़ा चाय, चंदन की वीणा से स्कोरशीट तक: पीएम मोदी ने विदेशी नेताओं को दिए खास तोहफे, दिखी भारत की विरासत
शिवाजी महाराज से तुलना पर शिंदे की टिप्पणी
शिंदे ने कहा कि खुद प्रधानमंत्री भी नहीं चाहेंगे कि उनकी तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी कार्यालयों में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की तस्वीरें प्रोटोकॉल के अनुसार लगाई जाती हैं।