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Pahalgam Attack: 'कोई भी देश 100 फीसदी फुलप्रूफ खुफिया व्यवस्था नहीं रख सकता', पहलगाम आतंकी हमले पर शशि थरूर
Sun, 27 Apr 2025 06:32 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 27 Apr 2025 06:32 PM IST
सार
Pahalgam Attack: 'कोई भी देश 100 फीसदी फुलप्रूफ खुफिया व्यवस्था नहीं रख सकता', पहलगाम आतंकी हमले पर शशि थरूर
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कांग्रेस नेता शशि थरूर
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
विस्तार
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने रविवार को पहलगाम आतंकी हमले को खुफिया विफलता करार दिया और इसकी तुलना सात अक्तूबर 2023 के हमास के उस हमले से की, जिसके बाद इस्राइल ने गाजा पट्टी पर हमले शुरू किए। इस्राइल को अपनी मजबूत खुफिया एजेंसियों के लिए जाना जाता है।
थरूर ने कहा, 'साफ तौर पर पूरी तरह से पुख्ता खुफिया जानकारी नहीं थी। इसमें कुछ विफलता जरूर रही। हमारे पास इस्राइल का उदाहरण है, जिसने दुनिया सबे अच्छी खुफिया सेवा के लिए जानते हैं और जिसे दो साल पहले सात अख्तूबर को अचानक हमले का सामना करना पड़ा। मेरे मुताबिक,जैसे इस्राइल युद्ध के खत्म होने तक जवाबदेही तय करने का इंतजार कर रहा है, वैसे ही हमें भी मौजूदा संकट को पूरी तरह से देखने के बाद सरकार से जवाबदेही मांगनी चाहिए। कोई भी देश कभी भी सौ फीसदी फुलप्रूफ खुफिया जानकारी नहीं रख सकता।'
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उन्होंने यह भी बताया कि कई बार जब आतंकी हमलों को सफलतापूर्वक टाल दिया जाता है, तो उनकी चर्चा नहीं होती। लेकिन जब विफलता होती है, तो वह सबके सामने आ जाती है। कांग्रेस नेता ने कहा, हमें उन आतंकी हमलों के बारे में कभी पता नहीं चलता, जिन्हें सफलतापूर्वक रोक दिया जाता है। हमें केवल उन्हीं के बारे में जानकारी मिलती है, जिन्हें रोका नहीं जा सका। यह हर देश में सामान्य बात है। हां, कुछ विफलताएं हुई हैं। मैं मानता हूं फिलहाल हमारा फोकस यहीं नहीं होना चाहिए।
इस बीच, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीमें 23 अप्रैल से पहलगाम हमले की जगह पर मौजूद हैं और उन्होंने सबूतों की तलाश तेज कर दी है। एनआईए ने एक बयान में कहा, एजेंसी के आईजी, डीआईजी और एसपी के नेतृत्व में टीमों ने उन चश्मदीदों से पूछताछ शुरू कर दी है, जिन्होंने 22 अप्रैल को हुए इस खौफनाक हमले को अपनी आंखों से देखा। यह हमला दोपहर करीब दो बजे बायसारन घाटी में हुआ था, जो जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल पहलगाम के पास है। इस हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई थी, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था और तीन दर्जन से अधिक लोग घायल हुए थे।
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एनआईए ने आगे कहा, 'आंतकवादियों की कार्य प्रणाली को समझने के लिए टीमें एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स की गहन जांच कर रही हैं। फॉरेंसिक और अन्य विशेषज्ञों की मदद से पूरी जगह की जांच की जा रही है, ताकि इस भयावह हमले की साजिश का पर्दाफाश किया जा सके, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।'
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थरूर ने कहा, 'साफ तौर पर पूरी तरह से पुख्ता खुफिया जानकारी नहीं थी। इसमें कुछ विफलता जरूर रही। हमारे पास इस्राइल का उदाहरण है, जिसने दुनिया सबे अच्छी खुफिया सेवा के लिए जानते हैं और जिसे दो साल पहले सात अख्तूबर को अचानक हमले का सामना करना पड़ा। मेरे मुताबिक,जैसे इस्राइल युद्ध के खत्म होने तक जवाबदेही तय करने का इंतजार कर रहा है, वैसे ही हमें भी मौजूदा संकट को पूरी तरह से देखने के बाद सरकार से जवाबदेही मांगनी चाहिए। कोई भी देश कभी भी सौ फीसदी फुलप्रूफ खुफिया जानकारी नहीं रख सकता।'
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उन्होंने यह भी बताया कि कई बार जब आतंकी हमलों को सफलतापूर्वक टाल दिया जाता है, तो उनकी चर्चा नहीं होती। लेकिन जब विफलता होती है, तो वह सबके सामने आ जाती है। कांग्रेस नेता ने कहा, हमें उन आतंकी हमलों के बारे में कभी पता नहीं चलता, जिन्हें सफलतापूर्वक रोक दिया जाता है। हमें केवल उन्हीं के बारे में जानकारी मिलती है, जिन्हें रोका नहीं जा सका। यह हर देश में सामान्य बात है। हां, कुछ विफलताएं हुई हैं। मैं मानता हूं फिलहाल हमारा फोकस यहीं नहीं होना चाहिए।
इस बीच, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीमें 23 अप्रैल से पहलगाम हमले की जगह पर मौजूद हैं और उन्होंने सबूतों की तलाश तेज कर दी है। एनआईए ने एक बयान में कहा, एजेंसी के आईजी, डीआईजी और एसपी के नेतृत्व में टीमों ने उन चश्मदीदों से पूछताछ शुरू कर दी है, जिन्होंने 22 अप्रैल को हुए इस खौफनाक हमले को अपनी आंखों से देखा। यह हमला दोपहर करीब दो बजे बायसारन घाटी में हुआ था, जो जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल पहलगाम के पास है। इस हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई थी, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था और तीन दर्जन से अधिक लोग घायल हुए थे।
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एनआईए ने आगे कहा, 'आंतकवादियों की कार्य प्रणाली को समझने के लिए टीमें एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स की गहन जांच कर रही हैं। फॉरेंसिक और अन्य विशेषज्ञों की मदद से पूरी जगह की जांच की जा रही है, ताकि इस भयावह हमले की साजिश का पर्दाफाश किया जा सके, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।'