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नीति आयोग ने जारी की नवाचार सूचकांक, जानिए शीर्ष पांच में किन राज्यों को मिली जगह
Wed, 20 Jan 2021 06:30 PM IST
संजीव कुमार झा
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 20 Jan 2021 06:30 PM IST
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नीति आयोग
- फोटो : फाइल फोटो
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नीति आयोग द्वारा बुधवार को जारी दूसरे नवाचार सूचकांक में कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना और केरल को शीर्ष पांच राज्यों में स्थान मिला। आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार और सीईओ अमिताभ कांत द्वारा जारी सूचकांक को ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स की तर्ज पर विकसित किया गया है।
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सूचकांक में झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार का स्थान सबसे नीचे रहा। भारत नवाचार सूचकांक 2020 नवाचार को बढ़ावा देने के प्रयासों तथा उनके सापेक्ष प्रदर्शन के आधार पर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को स्थान देता है। इस सूचकांक का मकसद नवचार के क्षेत्र में राज्यों की ताकत और कमजोरियों का पता लगाकर उन्हें इस दिशा में मजबूती लाने के लिए प्रेरित करना है।
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इस सूचकांक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तुलना के लिहाज से 17 प्रमुख राज्यों, 10 पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों तथा नौ शहरी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया है।
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बड़े राज्यों में औसत नवाचार अंक 25.35 हैं, जबकि 42.5 अंक के साथ कर्नाटक शीर्ष पर है। कर्नाटक को वेंचर कैपिटल सौदों, पंजीकृत जीआई (भौगोलिक संकेतक) और आईसीटी (सूचना तथा संचार प्रौद्योगिकी) निर्यात के चलते यह दर्जा मिला।
इस सूचकांक में 38 अंक के साथ महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर है, जबकि 14.5 अंक के साथ बिहार सबसे नीचे रहा। दक्षिण के चार राज्य बड़े राज्यों की श्रेणी में शीर्ष पांच में शामिल हैं। इस मौके पर कुमार ने कहा कि भारत में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय और नीति आयोग मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिभाओं को निखारने के लिए कुछ योजनाएं पहले से चल रही हैं, सरकार उन्हें और बेहतर बनाना चाहती है।