{"_id":"6a0326d8697b50f72f0fa659","slug":"niti-aayog-dismisses-rumors-of-a-construction-ban-surface-after-pms-appeal-2026-05-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्या निर्माण पर लगी दो साल की रोक?: पीएम की अपील के बाद उड़ी निर्माण बैन की अफवाह, नीति आयोग ने किया खारिज","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
क्या निर्माण पर लगी दो साल की रोक?: पीएम की अपील के बाद उड़ी निर्माण बैन की अफवाह, नीति आयोग ने किया खारिज
Tue, 12 May 2026 06:41 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Tue, 12 May 2026 06:41 PM IST
सार
नीति आयोग ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को पूरी तरह से खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज के रास्ते सप्लाई में दिक्कत के कारण देश में निर्माण कार्यों पर दो साल की रोक लगा दी गई है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी इमारतों के पुनर्निर्माण या किसी अन्य काम को रोकने की कोई सिफारिश नहीं की गई...
विज्ञापन
नीति आयोग।
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पश्चिम एशिया में चल रहे संकट और आर्थिक दबाव के बीच देश भर में निर्माण कार्यों को लेकर एक बहुत बड़ी अफवाह फैल गई थी। ऐसा दावा किया जा रहा था कि सरकार ने बड़े निर्माण और इमारतों को ढहाने के काम पर दो साल के लिए पूरी तरह से रोक लगा दी है। लेकिन अब नीति आयोग ने इस खबर को पूरी तरह से गलत बताया है। नीति आयोग ने साफ किया है कि उनकी तरफ से निर्माण पर बैन लगाने जैसी कोई भी सिफारिश नहीं की गई है। यह खबर पूरी तरह से बेबुनियाद है और इसका सच्चाई से कोई भी लेना-देना नहीं है। देश की जनता और ठेकेदारों को ऐसी किसी भी गलत जानकारी पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
नीति आयोग ने इस पूरे मामले पर अपनी स्थिति बिल्कुल स्पष्ट कर दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए आयोग ने 12 मई को छपी एक मीडिया रिपोर्ट का कड़ाई से खंडन किया। आयोग ने बताया कि उन्होंने सरकार को बड़े निर्माण कार्यों या इमारतों को तोड़ने के काम को रोकने के लिए कभी कोई सलाह नहीं दी है। नीति आयोग ने कहा कि यह सिर्फ एक अफवाह है और किसी भी काम को रोकने का कोई आदेश या सुझाव उनकी तरफ से बिल्कुल नहीं दिया गया है। सरकारी कामकाज और देश के विकास से जुड़े सारे काम अपने तय समय और नियम के हिसाब से ही चल रहे हैं।
ये भी पढ़ें- Suvendu Adhikari: टीएमसी के आरोपों पर सीएम शुभेंदु अधिकारी का पलटवार, मनोज अग्रवाल की नियुक्ति पर दिया ये जवाब
विज्ञापन
सरकारी भवनों के पुनर्निर्माण कार्य को लेकर नीति आयोग ने क्या कहा?
अफवाहों में यह भी कहा गया था कि दिल्ली में मौजूद निर्माण भवन, उद्योग भवन और शास्त्री भवन जैसे बड़े केंद्रीय सरकारी कार्यालयों को तोड़ने और दोबारा बनाने का काम रोक दिया गया है। रिपोर्ट ने दावा किया था कि निर्माण भवन में तोड़ने का काम रुक गया है और बाकी इमारतों के काम में भी अब काफी देरी होगी।
अफवाहों को आखिर हवा कैसे मिली?
इन अफवाहों पर लोगों ने इसलिए भी जल्दी विश्वास कर लिया क्योंकि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से एक खास अपील की थी। प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया के संकट के कारण दुनिया भर में बढ़ रही ऊर्जा की कीमतों को देखते हुए नागरिकों से ईंधन की खपत कम करने, विदेश यात्राएं सीमित करने और गैर-जरूरी सोना न खरीदने का आग्रह किया था। इसी अपील को आधार बनाकर रिपोर्ट में यह गलत अटकलें लगा ली गईं कि शायद सरकार खर्च कम करने के लिए बड़े निर्माण कार्यों पर भी रोक लगा रही है।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
नीति आयोग ने इस पूरे मामले पर अपनी स्थिति बिल्कुल स्पष्ट कर दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए आयोग ने 12 मई को छपी एक मीडिया रिपोर्ट का कड़ाई से खंडन किया। आयोग ने बताया कि उन्होंने सरकार को बड़े निर्माण कार्यों या इमारतों को तोड़ने के काम को रोकने के लिए कभी कोई सलाह नहीं दी है। नीति आयोग ने कहा कि यह सिर्फ एक अफवाह है और किसी भी काम को रोकने का कोई आदेश या सुझाव उनकी तरफ से बिल्कुल नहीं दिया गया है। सरकारी कामकाज और देश के विकास से जुड़े सारे काम अपने तय समय और नियम के हिसाब से ही चल रहे हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- Suvendu Adhikari: टीएमसी के आरोपों पर सीएम शुभेंदु अधिकारी का पलटवार, मनोज अग्रवाल की नियुक्ति पर दिया ये जवाब
विज्ञापन
सरकारी भवनों के पुनर्निर्माण कार्य को लेकर नीति आयोग ने क्या कहा?
अफवाहों में यह भी कहा गया था कि दिल्ली में मौजूद निर्माण भवन, उद्योग भवन और शास्त्री भवन जैसे बड़े केंद्रीय सरकारी कार्यालयों को तोड़ने और दोबारा बनाने का काम रोक दिया गया है। रिपोर्ट ने दावा किया था कि निर्माण भवन में तोड़ने का काम रुक गया है और बाकी इमारतों के काम में भी अब काफी देरी होगी।
अफवाहों को आखिर हवा कैसे मिली?
इन अफवाहों पर लोगों ने इसलिए भी जल्दी विश्वास कर लिया क्योंकि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से एक खास अपील की थी। प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया के संकट के कारण दुनिया भर में बढ़ रही ऊर्जा की कीमतों को देखते हुए नागरिकों से ईंधन की खपत कम करने, विदेश यात्राएं सीमित करने और गैर-जरूरी सोना न खरीदने का आग्रह किया था। इसी अपील को आधार बनाकर रिपोर्ट में यह गलत अटकलें लगा ली गईं कि शायद सरकार खर्च कम करने के लिए बड़े निर्माण कार्यों पर भी रोक लगा रही है।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन