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West Bengal: केंद्रीय मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने अलीपुरद्वार कोर्ट में किया सरेंडर, बोले- कानून पर पूरा भरोसा

Tue, 10 Jan 2023 04:42 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क/अमर उजाला ब्यूरो,अलीपुरद्वार
न्यूज डेस्क/अमर उजाला ब्यूरो,अलीपुरद्वार Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 10 Jan 2023 04:42 PM IST
सार

2009 में दो दुकानों में कथित चोरी के मामले में 16 नवंबर 2022 को कूचबिहार के सांसद प्रमाणिक के खिलाफ अलीपुरद्वार अदालत ने उनकी गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था। हालांकि, कलकत्ता  हाईकोर्ट ने 23 नवंबर को मंत्री के खिलाफ वारंट पर रोक लगा दी थी...

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Nisith Pramanik appears before Alipurduar court in 2009 theft case
निशीथ प्रमाणिक। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री निशीथ प्रमाणिक ने मंगलवार को सोने की एक दुकान में चोरी के मामले में कोर्ट में सरेंडर किया है। उन्होंने अलीपुरद्वार के जिला कोर्ट में सरेंडर किया है। करीब 14 साल पहले अलीपुरद्वार शहर की दो सोना दुकानों में चोरी की घटना हुई थी। उस मामले में दर्ज प्राथमिकी में निशीथ प्रमाणिक को भी नामजद किया गया था। इस मामले में पिछले साल 11 नवंबर को अलीपुरद्वार की सेशन कोर्ट ने गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था। हालांकि बाद में कलकत्ता हाई कोर्ट ने वारंट पर स्थगन लगा दिया था। इसी मामले में मंगलवार को उन्होंने कोर्ट में सरेंडर किया है। उनके साथ कई भाजपा कार्यकर्ता भी कोर्ट में पहुंचे थे। उनके दौरे को देखते हुए कोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था काफी चुस्त कर दी गई थी।

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साल 2009 अलीपुरद्वार शहर से सटे दो सोने की दुकानों में चोरी हुई थी। उसमें निशीथ प्रमाणिक को नामजद किया गया था। 2019 में जब वह सांसद बने थे, तब यह मामला बारासात एमपी कोर्ट में स्थानांतरित हो गया था। बाद में निशिथ के आवेदन पर मामला वापस अलीपुरद्वार की लोअर कोर्ट में स्थानांतरित करने का आदेश कलकत्ता हाई कोर्ट ने दिया था।

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वह न्यायिक मजिस्ट्रेट मौमिता मल्लिक की अदालत में पेश हुए। न्यायाधीश ने कहा, उन्हें अब व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है। उनके वकील इस मामले को देख सकते हैं। अदालत से बाहर प्रमाणिक ने कहा, झूठे मुकदमे बार-बार दर्ज किए गए हैं। उन लोगों के नाम पर झूठे मामले दायर किए गए हैं, जो राजनीति से जुड़े हैं। इस संस्कृति को रोका जाना चाहिए। यह पूरी तरह से एक झूठा मामला है। झूठे मुकदमे से आंदोलन को नहीं दबाया जा सकता। उन्होंने कहा, मुझे कानून पर पूरा भरोसा है।

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