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BJP: '26/11 के बाद UPA ने अमेरिकी दबाव में फिर शुरू की थी पाकिस्तान से बातचीत', सांसद निशिकांत दुबे का आरोप

Fri, 30 May 2025 11:54 AM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 30 May 2025 11:54 AM IST
सार

BJP: भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि 26/11 के तुरंत बाद अमेरिका के दबाव में यूपीए सरकार ने पाकिस्तान से बातचीत शुरू की थी। उन्होंने मनमोहन सिंह सरकार पर पाकिस्तान के प्रति नरम रवैये रखने का आरोप लगाया। 

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Nishikant Dubey questions UPA over talks with Pakistan after 26/11, alleges US pressure influenced decision
निशिकांत दुबे, सांसद, भाजपा - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने शुक्रवार को पूर्व मनमोहन सिंह सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के दबाव में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) ने 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के तुरंत बाद पाकिस्तान से बातचीत फिर से शुरू करने का फैसला लिया था। दुबे ने एक्स पर एक पोस्ट में जुलाई 2009 में मिस्र के शर्म एल-शेख में मनमोहन सिंह और उस समय के पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी की बैठक का जिक्र किया। यह नवंबर 2008 के मुंबई हमले के बाद दोनों देशों के बीच पहली औपचारिक बातचीत थी।

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दुबे ने बैठक के समय पर सवाल उठाए और कहा, पाकिस्तान ने 26 नवंबर 2008 को मुंबई पर हमला किया। 180 लोग मारे गए और 300 घायल हुए, श्मशान की चिता की आग भी ठंडी नहीं हुई थी। अमेरिका के दबाव में दिसंबर में पाकिस्तान पर कार्रवाई किए बिना बातचीत शुरू की गई थी या नहीं? क्या यह बात प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लोकसभा में कही थी?
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भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के साथ हुई बातचीत न केवल जल्दबाजी में की गई थी, बल्कि इस पर बाहरी ताकतों — खासकर अमेरिका — का प्रभाव भी था। उन्होंने 2009 के कई ऐसे उदाहरण दिए जहां भारत और पाकिस्तान के नेताओं के बीच राजनयिक बातचीत हुई थी।

उन्होंने पूछा, क्या जनवरी 2009 में भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई थी या नहीं? क्या जून 2009 में रूस में उन्होंने पाकिस्तान के राष्ट्रपति जरदारी से किसी तीसरे देश की मध्यस्थता में मुलाकात की थी या नहीं? और जुलाई 2009 में, क्या अमेरिका के दबाव में मिस्र के शर्म एल-शेख जाकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के साथ कोई समझौता किया गया था या नहीं? 


2011 में हुए एक और बड़े आतंकी हमले का जिक्र करते हुए दुबे ने कहा कि ऐसे हमलों से यह स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान लगातार आतंकवाद को समर्थन देता रहा है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी की कथित 'नरम नीति' की आलोचना की। उन्होंने कहा, 2011 में मुंबई में फिर धमाका हुआ, जिसमें 26 लोग मारे गए और 200 घायल हुए। दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर करके हमारा सिर ऊंचा किया, वर्षों बाद पाकिस्तान घबराया हुआ है। कांग्रेस पूरी तरह आतंकवादी पाकिस्तान के साथ मिली हुई है। जनता जाए भाड़ में। 

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दुबे ने बुधवार को किए गए एक पहले पोस्ट में कांग्रेस पर एक और आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 1988 में जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे, उस दौरान पाकिस्तान के साथ हुआ एक कथित परमाणु समझौता अमेरिकी दबाव में किया गया था। दुबे के अनुसार, इस समझौते के पीछे अमेरिका की भूमिका थी। उन्होंने एक कथित रूप से डिक्लासिफाइड (गोपनीयता हटाया गया) पत्र पोस्ट किया, जिसके बारे में उनका दावा है कि यह उस समय के अमेरिकी राष्ट्रपति रॉनल्ड रीगन ने राजीव गांधी को भेजा था।
इस पत्र में भारत-पाक बातचीत का एजेंडा तय करने में अमेरिका की भूमिका का जिक्र किया गया है।

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