{"_id":"655dd8ce85aa23318e091829","slug":"nia-probe-san-francisco-usa-indian-consulate-arson-vandalism-2023-11-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"NIA: दूतावास पर हमले मामले में सैन फ्रांसिस्को पहुंची एनआईए, कहा- संदिग्ध हमलावरों में भारतीय-विदेशी दोनों","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
NIA: दूतावास पर हमले मामले में सैन फ्रांसिस्को पहुंची एनआईए, कहा- संदिग्ध हमलावरों में भारतीय-विदेशी दोनों
Wed, 22 Nov 2023 04:02 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Wed, 22 Nov 2023 04:02 PM IST
सार
अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय दूतावास पर हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है। एनआईए ने दूतावास में आगजनी और तोड़फोड़ की जांच के संबंध में बयान जारी किया है। कई हमलावरों और सहयोगियों की पहचान की गई है।
विज्ञापन
NIA
- फोटो : Social Media
विस्तार
अमेरिका में भारतीय दूतावास पर हमला मामले में जांच के लिए सैन फ्रांसिस्को का दौरा करने वाली एनआईए ने कहा, आगजनी और बर्बर हिंसक कृत्यों के कारण वाणिज्य दूतावास के कर्मचारियों और समुदाय के बीच डर पैदा हो गया। सैन फ्रांसिस्को में जांच के बारे में एनआईए ने कहा कि एनआईए के अमेरिका दौरे का मकसद वाणिज्य दूतावास पर हमले की घटनाओं की जांच करना है।
अमेरिका में भारतीय दूतावास पर हमला कब हुआ
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बुधवार को जारी बयान में कहा, एनआईए दूतावास को निशाना बनाने वाले हमलावरों की पहचान करने में जुटी है। इन लोगों की पहचान के बाद मुकदमा चलाया जाएगा। जांच और कार्रवाई ऐसी होगी जिससे भारत विरोधी तत्वों को एक कड़ा संदेश मिलेगा। बता दें कि सैन फ्रांसिस्को के भारतीय दूतावास को कथित खालिस्तान समर्थकों ने 18-19 मार्च की दरमन्यानी रात निशाना बनाया था।
अगस्त, 2023 में एनआईए सैन फ्रांसिस्को गई थी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए भारत ने भी सख्ती दिखाई। एनआईए की एक टीम ने अगस्त 2023 में अमेरिकी शहर सैन फ्रांसिस्को का दौरा किया। अपनी जांच के दौरान एनआईए के पास हिंसक घटनाओं में शामिल संस्थाओं और व्यक्तियों की पहचान करने में कामयाबी पाई। इसमें अमेरिका स्थित संस्थान भी शामिल हैं।
विज्ञापन
हमलावरों और सहयोगियों की पहचान, भारतीय-विदेशी दोनों शामिल
जांच एजेंसी ने बताया कि जांच के दौरान बड़े पैमाने पर लोगों से पूछताछ की गई। जांच प्रक्रिया के दौरान एनआईए ने पहले ही कुछ ऐसे व्यक्तियों की पहचान कर ली है। ये लोग दूतावास पर हमलों के पीछे की साजिश का हिस्सा थे। एनआईए के मुताबिक जिन लोगों की पहचान हुई है, उनमें हमलावर और उनके कई सहयोगी शामिल हैं। संदिग्ध लोगों में भारतीय और विदेशी दोनों नागरिक हैं।
मार्च में दूतावास पर हिंसा
गौरतलब है कि बीते हफ्ते केंद्र ने आपसी कानूनी सहायता संधि (एमएलएटी) के तहत सैन फ्रांसिस्को वाणिज्य दूतावास के मामले में सबूत मांगे थे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की अब तक की जांच के आधार पर अमेरिकी अधिकारियों को अनुरोध भेजा है। क्राउड-सोर्सिंग के जरिए मामले में कुल 45 लोगों की पहचान की गई है। दूतावास को निशाना बनाने पहुंचे लोगों ने खालिस्तान समर्थक नारे लगाए।प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बैरियर्स तोड़े और वाणिज्य दूतावास परिसर में खालिस्तानी झंडे लगा दिए। अमेरिका से पहले लंदन स्थित भारतीय दूतावास में भी खालिस्तान समर्थकों ने हमला किया था।
विज्ञापन
अमेरिका में भारतीय दूतावास पर हमला कब हुआ
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बुधवार को जारी बयान में कहा, एनआईए दूतावास को निशाना बनाने वाले हमलावरों की पहचान करने में जुटी है। इन लोगों की पहचान के बाद मुकदमा चलाया जाएगा। जांच और कार्रवाई ऐसी होगी जिससे भारत विरोधी तत्वों को एक कड़ा संदेश मिलेगा। बता दें कि सैन फ्रांसिस्को के भारतीय दूतावास को कथित खालिस्तान समर्थकों ने 18-19 मार्च की दरमन्यानी रात निशाना बनाया था।
विज्ञापन
अगस्त, 2023 में एनआईए सैन फ्रांसिस्को गई थी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए भारत ने भी सख्ती दिखाई। एनआईए की एक टीम ने अगस्त 2023 में अमेरिकी शहर सैन फ्रांसिस्को का दौरा किया। अपनी जांच के दौरान एनआईए के पास हिंसक घटनाओं में शामिल संस्थाओं और व्यक्तियों की पहचान करने में कामयाबी पाई। इसमें अमेरिका स्थित संस्थान भी शामिल हैं।
विज्ञापन
हमलावरों और सहयोगियों की पहचान, भारतीय-विदेशी दोनों शामिल
जांच एजेंसी ने बताया कि जांच के दौरान बड़े पैमाने पर लोगों से पूछताछ की गई। जांच प्रक्रिया के दौरान एनआईए ने पहले ही कुछ ऐसे व्यक्तियों की पहचान कर ली है। ये लोग दूतावास पर हमलों के पीछे की साजिश का हिस्सा थे। एनआईए के मुताबिक जिन लोगों की पहचान हुई है, उनमें हमलावर और उनके कई सहयोगी शामिल हैं। संदिग्ध लोगों में भारतीय और विदेशी दोनों नागरिक हैं।
मार्च में दूतावास पर हिंसा
गौरतलब है कि बीते हफ्ते केंद्र ने आपसी कानूनी सहायता संधि (एमएलएटी) के तहत सैन फ्रांसिस्को वाणिज्य दूतावास के मामले में सबूत मांगे थे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की अब तक की जांच के आधार पर अमेरिकी अधिकारियों को अनुरोध भेजा है। क्राउड-सोर्सिंग के जरिए मामले में कुल 45 लोगों की पहचान की गई है। दूतावास को निशाना बनाने पहुंचे लोगों ने खालिस्तान समर्थक नारे लगाए।प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बैरियर्स तोड़े और वाणिज्य दूतावास परिसर में खालिस्तानी झंडे लगा दिए। अमेरिका से पहले लंदन स्थित भारतीय दूतावास में भी खालिस्तान समर्थकों ने हमला किया था।