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Tamil Nadu: तमिलनाडु के विभिन्न इलाकों में एनआईए का तलाशी अभियान, रामलिंगम हत्या मामले में जांच जारी
Thu, 01 Aug 2024 10:29 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: श्वेता महतो
Updated Thu, 01 Aug 2024 10:29 AM IST
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एनआईए (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : पीटीआई
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने रामलिंगम हत्या मामले में तमिलनाडु के विभिन्न इलाकों में तलाशी अभियान चलाया। बता दें कि जबरन धर्मांतरण का विरोध करने पर रामलिंगम की नृशंस हत्या कर दी गई थी। रामलिंगम ने कथित तौर पर हिंदुओं को इस्लाम में परिवर्तित करने में शामिल पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के नेताओं के दावाह (Dawah) कार्य का विरोध किया था। जिसके बाद 2019 में उनकी हत्या कर दी गई थी।
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क्या है रामलिंगम हत्या मामला
पीएमके के अधिकारी 42-वर्षीय रामलिंगम घर वापस जा रहे थे तभी उन पर हमला कर उनका हाथ काट दिया था। गंभीर रूप से घायल रामलिंगम को कुंभकोणम के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया था। अस्पताल के डॉक्टरों ने रामलिंगम को शहर के सरकारी मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में रेफर कर दिया। हालांकि, अस्पताल ले जाते समय अत्यधिक खून बहने के कारण रामलिंगम की मृत्यु हो गई थी।
बताया जाता है कि रामलिंगम ने धर्मांतरण का विरोध किया था, जिससे कुछ कट्टरपंथी धार्मिक संगठन उनसे परेशान हो गए थे। इसी को लेकर उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने उस समय रामलिंगम की हत्या मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि कुछ लोग फरार बताए जा रहे थे।
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#WATCH | National Investigation Agency (NIA) is conducting searches in Tamil Nadu at various locations in the Ramalingam Murder case
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(Visuals from Tiruchirappalli) pic.twitter.com/iGtvAKkJfO— ANI (@ANI) August 1, 2024
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क्या है रामलिंगम हत्या मामला
पीएमके के अधिकारी 42-वर्षीय रामलिंगम घर वापस जा रहे थे तभी उन पर हमला कर उनका हाथ काट दिया था। गंभीर रूप से घायल रामलिंगम को कुंभकोणम के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया था। अस्पताल के डॉक्टरों ने रामलिंगम को शहर के सरकारी मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में रेफर कर दिया। हालांकि, अस्पताल ले जाते समय अत्यधिक खून बहने के कारण रामलिंगम की मृत्यु हो गई थी।
बताया जाता है कि रामलिंगम ने धर्मांतरण का विरोध किया था, जिससे कुछ कट्टरपंथी धार्मिक संगठन उनसे परेशान हो गए थे। इसी को लेकर उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने उस समय रामलिंगम की हत्या मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि कुछ लोग फरार बताए जा रहे थे।