आसमान में बढ़ेगी ताकत: अगले हफ्ते चार और राफेल विमान आएंगे भारत, भारतीय वायुसेना 101 स्क्वाड्रन को चालू करने में जुटी
साल 2016 में भारत ने फ्रांस से 36 राफेल विमान खरीदने का करार किया है। दोनों सरकारों के बीच 59000 करोड़ रुपये में यह सौदा तय है। संभावना जताई जा रही है कि साल के अंत तक सभी राफेल विमान भारतीय वायुसेना में शामिल हो जाएंगे।
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राफेल विमानों का छठवां जत्था 19-20 मई को भारत पहुंचेगा। फ्रांस में भारतीय दूतावास की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक अगले सप्ताह तक 4 राफेल विमानों का एक नया बैच फ्रांस से भारत के लिए निकलेगा। इसके साथ भारतीय वायुसेना में राफेल विमानों की कुल संख्या 20 हो जाएगी, अभी तक फ्रांस से आए लड़ाकू विमानों को भारतीय वायुसेना में शामिल किया जा चुका है। ये विमान मेरिग्नैक-बोर्डो एयरबेस से सीधे अंबाला आएंगे। इसके साथ ही भारतीय वायु सेना (IAF) पश्चिम बंगाल के हाशिमारा में 101 "फाल्कन्स ऑफ चंब" स्क्वाड्रन को फिर से जिंदा करने के लिए तैयार है।
पश्चिम बंगाल के हाशिमारा एयरबेस को पूरी तरह से नया रूप दिया गया है। इसके रनवे, गोला-बारूद डिपो, ब्लास्ट पेन और कर्मियों के आवास के अलावा रखरखाव के लिए जरूरी सामग्रियों के साथ तैयार किया जा रहा है। इस महीने के आखिरी तक इसे चालू कर दिया जाएगा। इस जगह विमानों की पार्किंग होगी। युद्ध के वक्त देश में कहीं से भी लड़ाकू विमानों का संचालन यही से होगा।
साल 2016 में भारत और फ्रांस के बीच 36 राफेल विमानों का समझौता हुआ है। 2022 से पहले फ्रांस को सभी विमान देने हैं। अभी तक 20 विमान भारतीय वायुसेना के बेडे में आ चुके हैं। बाकी बचे विमान साल के आखिरी में आने की उम्मीद है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में बयान दिया था कि मई के आखिरी तक भारतीय वायु सेना के पास 24 राफेल लड़ाकू विमान होंगे। अन्य सात को फ्रांस में प्रशिक्षण के लिए रखा जाएगा और दो स्क्वाड्रन के पूरा होने से पहले केवल पांच और सौंपे जाएंगे।