{"_id":"5fe31b9bb59f31245f206063","slug":"new-coronavirus-strain-more-than-50-thousand-people-from-britain-come-to-india-in-one-month","type":"story","status":"publish","title_hn":"Coronavirus: ब्रिटेन से एक महीने में 50 हजार से अधिक लोग आए भारत, सभी की तलाश जारी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Coronavirus: ब्रिटेन से एक महीने में 50 हजार से अधिक लोग आए भारत, सभी की तलाश जारी
Wed, 23 Dec 2020 04:20 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 23 Dec 2020 04:20 PM IST
विज्ञापन
दिल्ली एयरपोर्ट से यात्री निकलते हुए
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूरी दुनिया में कोरोना के मामले कम होने के बाद जहां लोगों के जनजीवन में बदलाव होने लगे थे वहीं अब ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया रूप सामने आने से एक बार फिर दुनियाभर के लोगों में भय का माहौल व्याप्त हो गया है।
विज्ञापन
इसी क्रम में कोरोना के नए रूप ने भारत के लोगों की भी चिंता बढ़ा दी है। सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए ब्रिटेन से आने वाली सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं।
विज्ञापन
वहीं सरकार ने एक और ठोस कदम उठाते हुए पिछले एक महीने में ब्रिटेन से भारत आए सभी लोगों की सूची तैयार कर ली है। इसे अब सभी राज्यों से साझा किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने लोगों को भरोसा देते हुए कहा है कि डरने की जरूरत नहीं है भारत सही दिशा में काम कर रहा है।
विज्ञापन
भारत सरकार के आंकड़ाें के अनुसार एक महीने में कुल 50,832 लोग ब्रिटेन से भारत आए हैं। वहीं सबसे अधिक 16,281 लोग दिल्ली में आए हैं। ब्रिटेन से आए सभी लोगों की तलाश शुरू हो गई है। सरकार ऐसे सभी लोगों की कोरोना जांच करवाकर यह पता करने की कोशिश करेगी कि कहीं इन सभी लोगों में कोरोना का नया स्वरूप तो नहीं है, जो कि ब्रिटेन से फैलना शुरू हुआ था।
जानिए कोरोना का नया स्वरूप कितना खतरनाक है?
इसीलिए अब तक भारत समेत कुल 49 देश ब्रिटेन से आने वाली उड़ानों पर रोक लगा चुके हैं। यह वायरस म्यूटेट जल्दी-जल्दी कर रहा है और इस वजह से वह लोगों को जल्दी अपना शिकार बना सकता है। तेजी से कई लोगों को शिकार बनाने की वजह से इसे “सुपर स्प्रेडर” कहा जा रहा है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, कोविड -19 का ये नया रूप दक्षिण-पूर्व इंग्लैंड में शुरू हुआ है। यह रूप दिसंबर में शोधकर्ताओं के ध्यान में आया, जब इसने दक्षिणी इंग्लैंड के कुछ हिस्सों में कई बार अपने रूप को बदलना शुरू कर दिया।