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नेपाल के पूर्व पीएम भट्टाराई ने कहा- चीन भी मित्र, लेकिन भारत जैसी बात नहीं
Wed, 03 Mar 2021 06:12 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 03 Mar 2021 06:12 AM IST
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नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टराई
- फोटो : Social Media
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नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टाराई का कहना है कि नेपाल चीन की ओर नहीं झुक रहा है, बल्कि वह भारत से अच्छे संबंध चाहता है। दोनों देशों में आर्थिक व सांस्कृतिक संबंध ऐतिहासिक रूप से मौजूद रहे हैं। चीन से ऐसी बात नहीं है।
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भारत में स्वास्थ्य जांच करवाने आए भट्टाराई ने मंगलवार को कहा, नेपाल इस समय राजनीतिक संकट से गुजर रहा है, वह स्थायित्व चाहता है और साथ में भारत से अच्छे संबंध भी भट्टाराई ने कहा दिल्ली में कुछ लोगों को लग रहा है कि नेपाल चीन की ओर पूरी तरह से झुक गया है, यह सही नहीं है।
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ऐतिहासिक तौर पर नेपाल भारत के करीब रहा है। चीन भी मित्र है लेकिन उससे इतनी बात नहीं होती, क्योंकि नेपाल भारत की तरफ वाले हिमालय पर है। उन्होंने कहा, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी आज दो धड़ों में बंट चुकी है। संसद को मध्यावधि में भंग कर दिया गया। यह सब देश के लोकतंत्र के लिए सही नहीं है।
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राजनीतिक दलों को निकालना होगा समाधान
नेपाल के वर्तमान राजनीतिक हालात पर उन्होंने कहा देश में लोकतंत्र देरी से आया। कुछ बदलाव 1950 में हुए लेकिन पूर्व बदलाव 2015 में आए। लोकतंत्र इसी प्रकार आगे बढ़ते हैं प्रमुख राजनीतिक दलों को मिलाकर लोकतांत्रिक ढंग से समाधान निकालना होगा।
भारत-नेपाल में उच्च स्तरीय बात नहीं हो रही
भारत से संबंध बिगड़ने की वजह पूछने पर भट्टाराई ने कहा, दोनों देशों ने उच्च स्तरीय बातचीत नहीं हुई है। भाजपा 2014 से सत्ता में है। उसके बाद नेपाल में लोकतंत्र आया। प्रमुख राजनीतिक दलों में बातचीत होनी चाहिए थी। दोनों देशों के नागरिकों के संबंध भी मजबूत बनाने होंगे।