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SC: 'हवाईअड्डों पर अधिकारियों को मौजूदा कानूनों के प्रति संवेदनशील बनाने की जरूरत', सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

Sat, 18 Oct 2025 02:41 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 18 Oct 2025 02:41 PM IST
सार

SC: सुप्रीम कोर्ट ने एक एनआरआई के खिलाफ सभी कार्रवाईयों को रद्द करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर काम करने वाली क्षेत्रीय एजेंसियों के लिए यह बेहद जरूरी है कि वे अपने अधिकारियों को मौजूदा कानूनों के बारे में पहले से ही संवेदनशील बनाएं, खासकर तब जब वे किसी अंतरराष्ट्रीय यात्री को हिरासत में लेने या गिरफ्तार करने जैसा गंभीर कदम उठाने जा रहे हों।

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Need for airport agencies to sensitise their officers in prevailing laws: Supreme Court
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर काम करने वाली क्षेत्रीय एजेंसियों के लिए यह बेहद जरूरी है कि वे अपने अधिकारियों को मौजूदा कानूनों के बारे में पहले से ही संवेदनशील बनाएं, खासकर तब जब वे किसी अंतरराष्ट्रीय यात्री को हिरासत में लेने या गिरफ्तार करने जैसा गंभीर कदम उठाने जा रहे हों। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने यह टिप्पणी उस समय की, जब उन्होंने प्रवासी भारतीय (एनआरआई) रॉकी अब्राहम की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया। अब्राहम पिछले बीस वर्षों से इटली में बसे भारतीय नागरिक हैं।
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जनवरी 2025 में अब्राहम को दिल्ली हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया था। उस पर आरोप था कि वह अपने सामान में हिरण की सींग लेकर जा रहे थे, जो कि वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत प्रतिबंधित है। हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बैग से सींग बरामद होने के बाद उसके खिलाफ इस अधिनियम की धारा 39, 49 और 51 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी और उसे गिरफ्तार कर लिया था।
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अब्राहम करीब दो हफ्ते तक हिरासत में रहे। इसके बाद उन्हें कड़ी शर्तों के साथ जमानत मिली, जिसमें भारत छोड़ने पर प्रतिबंध भी शामिल था। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि डीएनए जांच के अनुसार जो वस्तु उसके पास मिली, वह वास्तव में रेंडियर (हिरण परिवार का सदस्य) की सींग थी, जो भारत के वन या वन्यजीव कानूनों का उल्लंघन नहीं करती।


शीर्ष कोर्ट ने कहा, यह कोर्ट महसूस करता है कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों से जुड़े मामलों को देखने वाली एजेंसियों को अपने अधिकारियों को मौजूदा कानूनों की सही जानकारी देना जरूरी है, ताकि वे गिरफ्तारी जैसे सख्त कदम उठाने से पहले सोच-समझकर और कानूनी सलाह लेकर काम करें। कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे गलत फैसलों से देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचता है और संबंधित अधिकारियों का व्यवहार मानवाधिकारों के उल्लंघन की श्रेणी में आ सकता है।

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इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने अब्राहम की गिरफ्तारी, प्राथमिकी और उनके खिलाफ सभी कार्यवाहियों को पूरी तरह से अवैध करार देते हुए उन्हें रद्द कर दिया। इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने अब्राहम की गिरफ्तारी, प्राथमिकी और उनके खिलाफ सभी कार्यवाहियों को पूरी तरह से अवैध करार देते हुए उन्हें रद्द कर दिया।

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