NDA संसदीय दल की बैठक: रक्षा मंत्री ने PM मोदी को सम्मानित किया; पहलगाम-ऑपरेशन सिंदूर पर अहम प्रस्ताव पारित
जीएमसी बालयोगी सभागार एनडीए के सभी सांसद जमा हुए हैं। संसद के मानसून सत्र के दौरान ये पहला मौका है, जब सत्ताधारी गठबंधन के सभी दल बैठक के लिए पहुंचे हैं। एनडीए के नेताओं की बैठक में पीएम मोदी को ऑपरेशन सिंदूर के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही इस मौके पर सांसदों ने हर-हर महादेव का जयघोष भी किया। बैठक में सभी घटक दलों की तरफ से साझा प्रस्ताव भी पारित किया गया। पढ़िए अपडेट्स
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विस्तार
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल दलों के नेताओं ने आज संसदीय दल की बैठक के दौरान पीएम मोदी को सम्मानित किया। आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सभी लोगों की तरफ से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सम्मानित किया। पीएम मोदी एनडीए के सभी सांसदों को संबोधित भी करेंगे। संसद के मानसून सत्र के दौरान एनडीए में शामिल दलों के नेताओं की इस पहली बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने एनडीए बैठक में अमित शाह की प्रशंसा करते हुए कहा, वह अब सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले केंद्रीय गृह मंत्री बन चुके हैं।
बैठक में एक प्रस्ताव भी पारित किया गया#WATCH | Delhi: PM Narendra Modi was welcomed and felicitated with a thunderous applause amid chants of 'Har Har Mahadev', after the success of Operation Sindoor and Operation Mahadev, at the NDA Parliamentary Party Meeting. pic.twitter.com/DO4SjNPOAh
— ANI (@ANI) August 5, 2025विज्ञापन
पहलगाम आतंकी हमले और इसके जवाब में भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर को लेकर एनडीए की बैठक में प्रस्ताव भी पारित किया गया। इसमें एनडीए संसदीय दल ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘ऑपरेशन महादेव’ के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और समर्पण को सलाम किया। बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान-समर्थित आतंकवादी संगठन द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने इसी साल 22 अप्रैल को जघन्य और कायराना आतंकी हमला किया था। एनडीए के प्रस्ताव में कहा गया कि पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों को धर्म के आधार पर निर्ममता से मार डाला गया।
आतंकवाद के खिलाफ पीएम मोदी का संकल्प
प्रस्ताव में कहा गया, पहलगाम में दहशतगर्दों की कायराना करतूत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल को बिहार की धरती से आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत आतंकियों और उनके समर्थकों को पहचान कर सज़ा देगा। इसी संकल्प के तहत 6-7 मई की दरम्यानी रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया गया। यह एक सटीक और सीमित सैन्य अभियान था, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया।
भारतीय संस्कृति में 'सिंदूर' के प्रतीकात्मक महत्व का जिक्र
एनडीए में शामिल सांसदों ने इस प्रस्ताव में प्रधानमंत्री मोदी की निर्णायक नेतृत्व शैली, दूरदर्शिता और आतंक के खिलाफ उनके ‘नए भारत’ के संकल्प की सराहना की। इस प्रस्ताव के मुताबिक सेना के ऑपरेशन सिंदूर को महिलाओं से विशेष समर्थन मिला। इसका नाम भारतीय संस्कृति में 'सिंदूर' के प्रतीकात्मक महत्व को भी दिखाता है। आतंकियों ने महिलाओं से उनका सुहाग और सम्मान छिना, जिसका सेना ने बदला लिया।
दुनियाभर में पाकिस्तान को बेनकाब किया
सत्ताधारी गठबंधन में शामिल सभी दलों और नेताओं ने इस बात को भी रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में रक्षा सुधार, स्वदेशीकरण और ड्रोन तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर रहा। इससे ऑपरेशन सिंदूर की सफलता में भी मदद मिली। इसके अलावा, प्रस्ताव में सर्वदलीय शिष्टमंडल के विदेश दौरे का भी जिक्र किया गया। इसमें कहा गया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में 59 सांसदों को 32 देशों में भेजकर भारत की आतंकवाद-विरोधी स्थिति को वैश्विक मंचों पर मजबूती से रखा गया। साथ ही दहशतगर्दों के पनाहगाह पाकिस्तान को पूरी दुनिया के सामने बेनकाब भी किया गया।
विकसित, सुरक्षित और शांतिपूर्ण भारत के निर्माण का संकल्प
प्रस्ताव के अंत में कहा गया कि अमेरिका ने TRF को वैश्विक आतंकी संगठन घोषित किया है। BRICS देशों के सम्मेलन में भी आतंकवाद के खिलाफ दोहरे मापदंडों की निंदा की गई। ये भारत की कूटनीतिक जीत और वैश्विक प्रभाव का प्रतीक है। एनडीए के सांसदों ने एक विकसित, सुरक्षित और शांतिपूर्ण भारत का निर्माण करने की दिशा में अपने प्रयासों को जारी रखने का संकल्प भी लिया।
बिहार में मतदाता सूची SIR के बीच हो रही बैठक
दरअसल, ये बैठक ऐसे समय हो रही है जब मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर दोनों सदनों में विपक्ष के हंगामे के कारण कामकाज नहीं हो रहा। जीएमसी बालयोगी सभागार में होने वाली बैठक में एनडीए के सभी सांसदों को अनिवार्य तौर पर उपस्थित रहने के लिए कहा गया है। गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर पर बीते हफ्ते संसद के दोनों सदनों में दो दिनों की विशेष चर्चा संपन्न हो चुकी है। चर्चा के दौरान जहां विपक्ष ने अचानक संघर्ष विराम को ले कर सरकार पर सवाल उठाए वहीं पहलगाम आतंकी हमला मामले में हुई सुरक्षा चूक पर भी जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
जम्मू-कश्मीर पर बड़े फैसले की अटकलें
प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को राष्ट्रपति से मुलाकात की थी। इसके बाद से ही अटकलों का बाजार गर्म है। सरकार ने 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को रद्द करने के साथ जम्मू-कश्मीर को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बदलने का विधेयक पेश किया था। अब 5 अगस्त को एनडीए संसदीय बैठक होने के बीच चर्चाएं हैं कि क्या सरकार जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस देने पर कोई फैसला करने वाली है।