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नियमों के अनुरूप बनी है सुपरटेक की एमराल्ड कोर्ट सोसायटी या नहीं, NBCC करेगा निरीक्षण

Thu, 28 Jul 2016 04:41 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 28 Jul 2016 04:41 AM IST
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NBCC observe the two towers of Supertech Imrld Court Society

सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एनबीसीसी) को नोएडा एक्सप्रेस-वे स्थित सुपरटेक की एमराल्ड कोर्ट सोसायटी के दो टावरों का निरीक्षण कर यह बताने के लिए कहा है कि इनका निर्माण नियमों के अनुरूप किया गया है या नहीं? साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि जो खरीददार पैसे वापस चाहते हैं, कंपनी को उन्हें पैसे वापस करने होंगे।

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न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहिंग्टन एफ नरीमन की पीठ ने एनबीसीसी को एमराल्ड कोर्ट सोसायटी का निरीक्षण कर चार हफ्ते के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है। एनबीसीसी यह निरीक्षण करेगा कि क्या निर्माण नियमों के तहत हुआ है या नहीं।
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एनबीसीसी यह भी देखेगा कि क्या वहां नियम के तहत हरित क्षेत्र है। क्या एमराल्ड कोर्ट की दो टावरों के बीच उतनी दूरी है, जितना नियम के अनुसार होना चाहिए। शीर्ष अदालत अब छह सितंबर को इस मामले पर सुनवाई करेगी।
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सुनवाई के दौरान दो खरीददारों की ओर से कहा गया है कि उन्हें फ्लैट नहीं चाहिए, उन्हें पैसा वापस किया जाए। हालांकि, 40 खरीदारों की ओर से कहा गया कि उन्हें फ्लैट चाहिए। इस पर पीठ ने एमराल्ड कोर्ट के डेवलपर सुपरटेक को नोटिस जारी किया है।

पीठ ने टिप्पणी की कि जो खरीददार अपना पैसा वापस लेना चाहता हो, उसे पैसा वापस लौटाया जाना चाहिए। पीठ ने कहा कि ऐसे लोग मामले में क्यों उलझे रहें। सुपरटेक की ओर से कहा गया कि इन दोनों टावरों का निर्माण नियमों के अनुरूप हुआ है। उन दो टावरों के बीच की दूरी नौ मीटर है जो नियम के अनुरूप है। पिछली सुनवाई में सुपरटेक की ओर से कहा गया था कि करीब 150 खरीदारों को पैसे वापस लौटाए जा चुके हैं।

क्या है पूरा मामला?

NBCC observe the two towers of Supertech Imrld Court Society

अप्रैल 2014 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एमराल्ड कोर्ट सोसायटी के दो टावरों को अवैध बताते हुए उसे गिराने का निर्देश दिया था। साथ ही फ्लैट खरीदने वालों को 14 फीसदी ब्याज के साथ रकम वापस करने का निर्देश दिया था।

हाईकोर्ट के इस फैसले को नोएडा अथॉॅरिटी, सुपरटेक आदि की ओर से सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिस पर सुप्रीम कोर्टने  टावरों को गिराने के आदेश पर रोक लगाते हुए यथास्थिति बहाल रखने का आदेश दिया था। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक से कहा था कि पहले वह पांच करोड़ रुपये जमा करे, तब इस मामले की सुनवाई होगी।

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