नौसेना वार रूम लीक मामले में अफसरों की बर्खास्तगी उचित: SC
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वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारी कमांडर विजेंद्र राणा और वीके झा ने दलील दी थी कि उन दोनों को न तो कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और न ही उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया था। पीठ ने उनकी याचिका में कोई मेरिट नहीं पाया। उन्होंने दोनों अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त करने संबंधी सरकार के फैसले को बरकरार रखा।
दोनों अधिकारियों को संवेदनशील सूचनाएं एजेंसियों को उपलब्ध कराने का दोषी पाया गया था
पीठ ने कहा कि हमें यह हस्तक्षेप करने लायक मामला नहीं लगता। अक्तूबर 2005 में एक बोर्ड ऑफ एनक्वायरी में इन दोनों अधिकारियों को संवेदनशील सूचनाएं बाहरी एजेंसियों को उपलब्ध कराने का दोषी पाया गया था।
वर्ष 2005 में नौसेना वार रूप लीक मामले में सात हजार पेज की संवेदनशील सूचनाएं लीक हुईं थीं जिसका सीधा संबंध देश की सुरक्षा से था। इसका पता तब चला जब एक अधिकारी के पास से बरामद अवैध पेन ड्राइव में रक्षा से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं थीं।
इस मामले में राणा, झा, पूर्व नौसैनिक अधिकारी कुलभूषण पराशर, पूर्व वायु सेना अधिकारी संभा जी एल सुर्वे और कथित हथियार डीलर और दिल्ली के कारोबारी अभिषेक वर्मा के खिलाफ विशेष सीबीआई अदालत में आपराधिक मुकदमा चल रहा है।