फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Navodaya Vidyalaya: government will now hire two full time counsellorsin each school across country

नवोदय विद्यालयों में छात्रों की आत्महत्या के बाद हर स्कूल में तैनात होंगे दो काउंसलर

Sun, 27 Jan 2019 12:51 PM IST
अजय सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अजय सिंह Updated Sun, 27 Jan 2019 12:51 PM IST
विज्ञापन
Navodaya Vidyalaya: government will now hire two full time counsellorsin each school across country
जवाहर नवोदय विद्यालय

जवाहर नवोदय विद्यालयों (जेएनवी) में बच्चों की आत्महत्या के बढ़ते मामलों को देखते हुए वित्त मंत्रालय ने उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में बने प्रतिष्ठित आवासीय विद्यालयों के बच्चों के लिए दो फुल-टाइम काउंसलर की तैनाती की जाएगी। इन काउंसलरों में एक महिला और एक पुरुष होंगे। इन्हें देशभर के 635 जवाहर विद्यालयों में कांट्रैक्ट के आधार पर नियुक्त किया जाएगा।

विज्ञापन


इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार नवोदय विद्यालय समिति (एनवीएस) जोकि मानव संसंधान विकास मंत्रालय के अतंर्गत काम करने वाली एक स्वायत्त संस्था है, वह काउंसलरों की नियुक्ति पर 56 करोड़ रुपये खर्च करेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'हम जल्द ही एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जारी करेंगे और सभी काउंसलरों की अप्रैल में शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र के शुरू होने से पहले नियुक्ति कर दी जाएगी। एक साल बाद इस पहल की समीक्षा की जाएगी।'
विज्ञापन


कुछ दिनों पहले एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि नवोदय स्कूल में 49 बच्चों ने पांच सालों के दौरान आत्महत्या की है। साल 2013 से 2017 के बीच में 49 आत्महत्या की घटना हुई हैं। जिसमें से आधे दलित और आदिवासी बच्चे हैं। इसमें भी अधिकांश संख्या लड़कों की होती है। यह जानकारी सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत सामने आई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस रिपोर्ट पर चिंता व्यक्त करते हुए पूर्व प्रधान न्यायाधीश एचएल दत्तू जोकि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के मुखिया हैं, उन्होंने 1 जनवरी को मानव संसाधन मंत्रालय के शिक्षा सचिव को नौटिस भेजा था। उन्होंने 6 हफ्ते के अंदर इस नोटिस का जवाब देने को कहा था।

मंत्रालय को भेजे गए नोटिस में आयोग ने कहा, 'आयोग ने देखा है कि यदि मीडिया रिपोर्ट में दी गई जानकारी सही है तो इसे नजरअंदाज या अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। चूंकि जेएनवी में छात्रों द्वारा की जाने वाली आत्महत्या का पैटर्न बढ़ सकता है यदि इसपर समय रहते उचित कदम न उठाए गए तो। समावेशी विकास की आकांक्षा रखने वाले स्कूल में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के छात्रों की आत्महत्या का अनुपात भी चिंता का विषय है।'


आयोग ने मंत्रालय से अपने जवाब में यह भी बताने को कहा था कि क्या स्कूल परिसर में ट्रेन्ड काउंसलर उपलब्ध हैं या नहीं। या ऐसा समर्पित स्टाफ है जो इस बात को सुनिश्चित करेगा कि बच्चे अपने कमरों में अकेले नहीं हैं या फिर कोई ऐसी काउंसिलिंग सुविधा मौजूद है जिसका इस्तेमाल बच्चे टेलिफोन या सुसाइड हॉटलाइन के जरिए करके आपातकालीन सहायता ले सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed