{"_id":"654addf6238e9dc03e049235","slug":"nasa-saturn-rings-disappear-in-18-months-nasa-said-it-will-not-be-possible-to-see-from-earth-after-2025-2023-11-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"NASA: 18 माह में ओझल हो जाएंगे शनि के वलय, नासा ने कहा- वर्ष 2025 के बाद धरती से देखना नहीं होगा संभव","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
NASA: 18 माह में ओझल हो जाएंगे शनि के वलय, नासा ने कहा- वर्ष 2025 के बाद धरती से देखना नहीं होगा संभव
Wed, 08 Nov 2023 06:31 AM IST
यशोधन शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Wed, 08 Nov 2023 06:31 AM IST
सार
नासा के मुताबिक, असल में शनि के अक्षीय झुकाव की वजह से 2025 के बाद से पृथ्वी से शनि के वलयों को देख पाना संभव नहीं होगा। शनि के वलय फिलहाल खत्म नहीं हो रहे हैं, बल्कि पृथ्वी पर दिखना बंद हो जाएंगे।
विज्ञापन
Saturn
- फोटो : iStock
विस्तार
हमारे सौर परिवार के दूसरे सबसे बड़े सदस्य शनि ग्रह की पहचान इसके वलय (छल्ले) हैं। सूर्य से नजदीकी के मामले में छठवें स्थान पर मौजूद शनि के चारों तरफ बने ये वलय दिलकश खूबसूरती के साथ ही तमाम दिलचस्प रहस्य समेटे हुए हैं, लेकिन 18 माह बाद ये ओझल हो जाएंगे।
विज्ञापन
नासा के मुताबिक, असल में शनि के अक्षीय झुकाव की वजह से 2025 के बाद से पृथ्वी से शनि के वलयों को देख पाना संभव नहीं होगा। शनि के वलय फिलहाल खत्म नहीं हो रहे हैं, बल्कि पृथ्वी पर दिखना बंद हो जाएंगे। इसके पीछे असल में शनि का अक्षीय झुकाव, पृथ्वी के साथ कोणीय स्थिति और पृथ्वी से दूरी के संयोग की वजह से हो रहा है।
विज्ञापन
धूमकेतुओं से बनीं संरचनाएं
4.6 अरब वर्ष पहले हमारा सौरमंडल बनने के कुछ समय बाद शनि के वलय बने। नासा के मुताबिक, ये संरचनाएं उन धूमकेतुओं व क्षुद्रग्रहों से बनी है, जो शनि के गुरुत्वाकर्षण से टूटकर उसकी कक्षा में फंसे रह गए हैं।
विज्ञापन
हमेशा के लिए हो जाएंगे खत्म
नासा के कैसिनी मिशन के डाटा से वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि येे वलय हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगे। हालांकि, ऐसा लाखों वर्ष बाद होगा। पृथ्वी से शनि 9 डिग्री के कोणीय झुकाव के साथ दिखता है। 2024 के अंत तक कोणीय झुकाव घटकर लगभग 3.7 डिग्री रह जाएगा। मार्च 2025 में यह झुकाव शून्य हो जाएगा, जिसकी वजह से पृथ्वी से वलय पतली समानांतर रेखा के रूप में दिखेंगे। दूरी की वजह से इन्हें पृथ्वी से देख पाना मुश्किल होगा। हालांकि, यह झुकाव 2032 के बाद फिर बदल जाएगा और पहले की तरह वलय दिख पाएंगे।