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NASA: ग्लोबल वार्मिंग के कारण सूखा, बाढ़ की घटनाओं में आ रही तेजी, 20 साल के प्राप्त डाटा पर किया शोध
Wed, 15 Mar 2023 06:57 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Wed, 15 Mar 2023 06:57 AM IST
सार
नासा के दो वैज्ञानिकों रोडेल व बेलिंग ली के नासा/जर्मन ग्रेस और ग्रेस-एफओ उपग्रहों के माध्यम से 2002 से 2021 तक 1,056 अत्यधिक बारिश व शुष्क घटनाओं के अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है।
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नासा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
धरती के कई हिस्सों में भीषण सूखा, अत्यधिक वर्षा और बाढ़ की घटनाओं में लगातार तेजी आ रही है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के नेचर वॉटर जर्नल में प्रकाशित नवीन अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है।
अध्ययन में कहा गया है, वैज्ञानिक धरती के गर्म होने और जलवायु परिवर्तन के चलते सूखे और बाढ़ की घटनाओं की निरंतरता और गंभीरता की भविष्यवाणी करते रहते हैं, लेकिन क्षेत्रीय और महाद्वीपीय पैमाने पर इसे साबित करना मुश्किल होता है। नासा के दो वैज्ञानिकों के शोध ने पूर्व में किए गए अनुमानों और भविष्यवाणियों को पुख्ता कर दिया है।
20 साल के प्राप्त डाटा पर किया शोध
नासा के दो वैज्ञानिकों रोडेल व बेलिंग ली के नासा/जर्मन ग्रेस और ग्रेस-एफओ उपग्रहों के माध्यम से 2002 से 2021 तक 1,056 अत्यधिक बारिश व शुष्क घटनाओं के अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है। इन उपग्रहों से जल भंडारण विसंगतियों का पता लगाने के लिए पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र का मापांकन किया गया है।
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अध्ययन में कहा गया है, वैज्ञानिक धरती के गर्म होने और जलवायु परिवर्तन के चलते सूखे और बाढ़ की घटनाओं की निरंतरता और गंभीरता की भविष्यवाणी करते रहते हैं, लेकिन क्षेत्रीय और महाद्वीपीय पैमाने पर इसे साबित करना मुश्किल होता है। नासा के दो वैज्ञानिकों के शोध ने पूर्व में किए गए अनुमानों और भविष्यवाणियों को पुख्ता कर दिया है।
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20 साल के प्राप्त डाटा पर किया शोध
नासा के दो वैज्ञानिकों रोडेल व बेलिंग ली के नासा/जर्मन ग्रेस और ग्रेस-एफओ उपग्रहों के माध्यम से 2002 से 2021 तक 1,056 अत्यधिक बारिश व शुष्क घटनाओं के अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है। इन उपग्रहों से जल भंडारण विसंगतियों का पता लगाने के लिए पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र का मापांकन किया गया है।
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