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नागपुर: फल-आइसक्रीम बेचता था 12वीं पास युवक, फर्जी डॉक्टर बन करने लगा कोरोना का इलाज
Mon, 10 May 2021 04:09 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
Published by: Tanuja Yadav
Updated Mon, 10 May 2021 04:09 PM IST
सार
महाराष्ट्र के नागपुर में पुलिस ने एक फर्जी डॉक्टर को गिरफ्तार किया है, जो कोरोना मरीजों का भी इलाज करता था। फल-सब्जी बेचकर शख्स ने दवाखाना खोला और बाद में डॉक्टर बनकर इलाज करने लगा।
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फल-सब्जी बेचने वाला बना फर्जी डॉक्टर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कोरोना काल के दौरान फर्जीवाड़े से संबंधित कई खबरें सामने आईं। ठीक ऐसे ही महाराष्ट्र के नागपुर से फर्जी डॉक्टर बनकर कोरोना मरीजों का इलाज करने का एक मामला सामने आया है। पुलिस ने शख्स को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि इस फर्जी डॉक्टर के पास से ऑक्सीजन सिलिंडर और सिरींज मिली हैं।
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पुलिस ने जानकारी दी कि ये आरोपी कभी फल और सब्जी बेचने का काम करता था। लेकिन बाद में शख्स ने अपना दवाखाना खोल लिया था और पिछले पांच साल से वो दवाखाने की दुकान चला रहा था। यह मामला नागपुर के कामठी का है, जहां शख्स ने फल-सब्जी बेचते-बेचते अपना दवाखाना खोल लिया।
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इस मामले में हैरान करने वाली बात यह है कि पिछले पांच साल से अपना दवाखाना चला भी रहा है और फर्जी डॉक्टर बनकर लोगों का इलाज भी कर रहा है। पुलिस ने बताया कि शख्स का नाम चंदन नरेश चौधरी है। पहले वो फल बेचने का काम करता था, इसके बाद इलेक्ट्रिशियन बन गया और बाद में आइसक्रीम बेचने लगा।
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पिछले पांच साल से वो ओम नारायण बहुउद्देशीय नाम का एक धर्मार्थ दवाखाना चला रहा है। इस दवाखाने में आयुर्वेदिक नेचुरोपैथी पद्धति से इलाज किया जा रहा था। पुलिस ने बताया कि ये फर्जी डॉक्टर है और इसके पास कोई सर्टिफिकेट नहीं है। पुलिस को जैसे ही इस बात की सूचना मिली तो वो छापा मारने वहां पहुंची।
पुलिस ने बताया कि डॉक्टर के पास से कुछ सर्टिफिकेट मिले, जो नेचुरोपैथी के हैं। ये शख्स बिहार का रहने वाला है और पिछले 10-12 साल पहले नागपुर आया था। पुलिस ने बताया कि जब देश में कोरोना संक्रमण फैलना शुरू हुआ तो उसने कोरोना का भी इलाज करना शुरू कर दिया।