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Nagpur: प्रैंक वीडियो बनाना पड़ा भारी, पुलिस ने चार लड़कों को लिया हिरासत में
Wed, 10 Apr 2024 02:55 PM IST
मेघा झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मेघा झा
Updated Wed, 10 Apr 2024 02:55 PM IST
सार
सोशल मीडिया पर प्रैंक वीडिया शूट करना चार लड़कों को भारी पड़ गया। लड़के ने पुलिस में की शिकायत। पुलिस हिरासत में बताया कि वे प्रैंक वीडियो बना रहे थे।
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विस्तार
सोशल मीडिया पर प्रैंक वीडिया शूट करना चार लड़कों को भारी पड़ गया। मामला सोमवार का है, एक लड़के के अपहरण का वीडियो बना रहे थे। लेकिन उस लड़के ने पुलिस में जाकर शिकायत कर दी, जिसके बाद सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से चारों की पहचान कर पुलिस हिरासत में लिया गया, तब उन्होंने बताया कि वे प्रैंक वीडियो बना रहे थे, बाद में पुलिस ने चारों को चेतावनी देकर छोड़ दिया।
इन दिनों सोशल मीडिया पर प्रैंक वीडियो का चलन बढ़ा है। लेकिन इसके चक्कर में चार नाबालिग लड़कों पर मुकदमा होते होते बचा है। एक मिनट के प्रैंक वीडियो के चलते इनको सालों की जेल हो सकती थी। महाराष्ट्र के नागपुर में सोमवार को कक्षा 11 में पढ़ने वाला 17 वर्षीय आदेश जो कि चंद्रपुर का निवासी है, वह अपने दो दोस्त यश और वेदांत के साथ सुबह 6:45 पर पढ़ने जा रहा था। तभी प्रताप नगर इलाके में पीछे से एक सफेद कार आई, उसमें से एक लड़का बाहर निकला और आदेश को कार के अंदर खींचने की कोशिश करने लगा। लेकिन आदेश के दोस्त साथ में होने के कारण वे जल्दी वहां से भाग खड़े हुए।
हादसे से डरा हुआ आदेश अपने टीचर के पास पहुंचा, उन्होंने उसे पुलिस में शिकायत करने की सलाह दी। वे उसे नजदीकी पुलिस थाने में ले गए, और घटनाक्रम के आधार पर आईपीसी की धारा 363, 511 और 34 के तहत शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के संज्ञान में मामला आते ही जांच पड़ताल शुरू हुई। प्रताप नगर के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग निकाली गई। जिसमें यह पूरा घटनाक्रम कैद हुआ था। पुलिस ने उसमें से एक की पहचान कर ली। वह था सुशांत, 18 वर्षीय सुशांत को पुलिस ने उठा लिया, उससे पूछताछ करने पर उसने अपने अन्य साथियों का भी नाम बता दिया, जो कि श्रेयश, यश और अरनव थे। उनको भी पुलिस थाने बुलाया गया। तक उन्होंने बताया कि वे सोशल मीडिया के अक्सर प्रैंक वीडियो बनाते रहते हैं। ये भी उन्होंने सोशल मीडिया के लिए ही किया था, वे आदेश का अपहरण करना नहीं चाहते थे।
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पूरा सच सुनने के बाद पुलिस ने चारों के माता-पिता का थाने बुलाया और उनकी इस हरकत के बारे में बताया। अपने बच्चों की हरकत को सुनकर मां-बाप भी चकित रह गए, उन्होंने भी चारों की जमकर फटकार लगाई। वहीं पता चला कि कार सुशांत चला रहा था, उसके पास कार का लाइसेंस भी नहीं है। बाद में चारों के माता-पिता ने पुलिस से माफी मांगी और मुकदमा दर्ज करने का अनुरोध किया।
चारों लड़कों ने भी पुलिस से और आदेश से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि वे इस तरह की हरकत आगे से नहीं करेंगे। पुलिस ने भी बाद में चारों को चेतावनी देकर छोड़ दिया।
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इन दिनों सोशल मीडिया पर प्रैंक वीडियो का चलन बढ़ा है। लेकिन इसके चक्कर में चार नाबालिग लड़कों पर मुकदमा होते होते बचा है। एक मिनट के प्रैंक वीडियो के चलते इनको सालों की जेल हो सकती थी। महाराष्ट्र के नागपुर में सोमवार को कक्षा 11 में पढ़ने वाला 17 वर्षीय आदेश जो कि चंद्रपुर का निवासी है, वह अपने दो दोस्त यश और वेदांत के साथ सुबह 6:45 पर पढ़ने जा रहा था। तभी प्रताप नगर इलाके में पीछे से एक सफेद कार आई, उसमें से एक लड़का बाहर निकला और आदेश को कार के अंदर खींचने की कोशिश करने लगा। लेकिन आदेश के दोस्त साथ में होने के कारण वे जल्दी वहां से भाग खड़े हुए।
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हादसे से डरा हुआ आदेश अपने टीचर के पास पहुंचा, उन्होंने उसे पुलिस में शिकायत करने की सलाह दी। वे उसे नजदीकी पुलिस थाने में ले गए, और घटनाक्रम के आधार पर आईपीसी की धारा 363, 511 और 34 के तहत शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के संज्ञान में मामला आते ही जांच पड़ताल शुरू हुई। प्रताप नगर के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग निकाली गई। जिसमें यह पूरा घटनाक्रम कैद हुआ था। पुलिस ने उसमें से एक की पहचान कर ली। वह था सुशांत, 18 वर्षीय सुशांत को पुलिस ने उठा लिया, उससे पूछताछ करने पर उसने अपने अन्य साथियों का भी नाम बता दिया, जो कि श्रेयश, यश और अरनव थे। उनको भी पुलिस थाने बुलाया गया। तक उन्होंने बताया कि वे सोशल मीडिया के अक्सर प्रैंक वीडियो बनाते रहते हैं। ये भी उन्होंने सोशल मीडिया के लिए ही किया था, वे आदेश का अपहरण करना नहीं चाहते थे।
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पूरा सच सुनने के बाद पुलिस ने चारों के माता-पिता का थाने बुलाया और उनकी इस हरकत के बारे में बताया। अपने बच्चों की हरकत को सुनकर मां-बाप भी चकित रह गए, उन्होंने भी चारों की जमकर फटकार लगाई। वहीं पता चला कि कार सुशांत चला रहा था, उसके पास कार का लाइसेंस भी नहीं है। बाद में चारों के माता-पिता ने पुलिस से माफी मांगी और मुकदमा दर्ज करने का अनुरोध किया।
चारों लड़कों ने भी पुलिस से और आदेश से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि वे इस तरह की हरकत आगे से नहीं करेंगे। पुलिस ने भी बाद में चारों को चेतावनी देकर छोड़ दिया।