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मुंद्रा बंदरगाह: टेल्कम पाउडर बताकर भारत लाई गई 21000 करोड़ की हेरोइन जब्त, अडानी समूह ने स्थिति स्पष्ट की

Tue, 21 Sep 2021 09:04 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Tue, 21 Sep 2021 09:04 PM IST
सार

अडाणी समूह ने उसके द्वारा संचालित गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर दो कंटेनरों से हेरोइन जब्त होने व उससे संबंधित खबरों को लेकर अपना पक्ष रखा है।
 

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Mundra Port: Adani Group clarifies position on seizure of heroin from two containers from Afghanistan
गुजरात राज्य के कच्छ जिले में स्थित मुंद्रा पोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

गुजरात में कच्छ के मुंद्रा बंदरगाह पर हेरोइन की अब तक की सबसे बड़ी खेप पकड़ी गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 21,000 करोड़ है। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने अफगानिस्तान से आयात की गई दो कंटेनर से 3,000 किलो हेरोइन बरामद की। मामले में चेन्नई से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुंद्रा बंदरगाह का मालिकाना हक अडानी पोर्ट के पास है। अडानी पोर्ट गौतम अडानी की कंपनी है। सूत्रों का कहना है, यह खेप आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा में पंजीकृत मेसर्स आशी ट्रेडिंग कंपनी द्वारा आयात की गई थी और इसे टेल्कम पाउडर बताया गया था।

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डीआरआई को सूचना मिली थी कि अफगानिस्तान से ड्रग्स की एक बड़ी खेप भारत आ रही है। डीआरआई ने कार्रवाई के दौरान दो कंटेनर जब्त किए और नमूनों को जांच के लिए भेजा, जिसमें हेरोइन की पुष्टि हुई।  मामले में अहमदाबाद, दिल्ली, चेन्नई, गांधीधाम और गुजरात के मांडवी में तलाशी अभियान चलाया गया था। डीआरआई की टीम ने इस मामले में आशी ट्रेडिंग कंपनी के संचालक एम सुधाकर और उनकी पत्नी दुर्गा वैशाली को कुछ दिन पहले चेन्नई से गिरफ्तार किया और उन्हें भुज लेकर आई। सोमवार को दोनों को विशेष अदालत में पेश किया गया। विशेष जज सीएम पवार ने डीआरआई को दंपती की दस दिन की हिरासत दे दी। एजेंसी
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कार्गो को लेकर कोई पुलिसिया अधिकार नहीं : अडानी समूह
अडानी समूह ने कहा, अडानी पोर्ट्स केवल मुंद्रा बंदरगाह का संचालन करती है। हमारे पास मुंद्रा बंदरगाह के टर्मिनलों से पार होने वाले कंटेनरों या कार्गो को लेकर कोई पुलिसिया अधिकार मौजूद नहीं है। कानून ने किसी भी गैरकानूनी कार्गो को खोलने, जांचने और जब्त करने का अधिकार डीआरआई को दिया हुआ है। देश में कोई भी बंदरगाह संचालक कंटेनर को नहीं जांच सकता।
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अडानी पोर्ट ने 16 सितंबर को मुंद्रा पोर्ट पर डीआरआई और सीमा शुल्क विभाग की साझा कार्रवाई को लेकर अपना पक्ष रखा है। अडाणी समूह ने कहा कि इस कार्रवाई के दौरान अफगानिस्तान से मुंद्रा इंटरनेशनल कंटेनर टर्मिनल (MICT) पर पहुंचे दो कंटेनरों से भारी मात्रा में प्रतिबंधित हेरोइन जब्त की गई थी। समूह ने स्पष्ट किया कि देश के किसी पोर्ट संचालक के पास कंटेनरों को खोलकर उनकी जांच का अधिकार नहीं है। इसलिए मामले में उसकी कोई भूमिका नहीं है।

अडानी समूह ने प्रतिबंधित मादक पदार्थ जब्त करने और आरोपी को पकड़ने के लिए डीआरआई और सीमा शुल्क विभाग की टीमों को धन्यवाद और बधाई दी है। कंपनी ने कहा कि भारत सरकार के सक्षम अधिकारियों जैसे सीमा शुल्क और डीआरआई को ही गैरकानूनी कार्गो को खोलने, जांच करने और जब्त करने का कानूनी अधिकार है। कोई भी पोर्ट ऑपरेटर कंटेनर की जांच नहीं कर सकता है। पोर्ट ऑपरेटर की भूमिका बंदरगाह चलाने तक सीमित है।


मादक पदार्थों की तस्करी के लिए गुजरात बना प्रिय रास्ता : कांगेेस
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, बीते कुछ वर्षों में मादक पदार्थ तस्करी के लिए गुजरात सबसे प्रिय रास्ता बन गया है। आखिर क्या कारण है कि तस्करों को अदाणी समूह के पोर्ट पर मादक पदार्थ आसानी से निकालने का विश्वास है?

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