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Ayodhya: भगवान श्रीराम के लिए अटूट भक्ति की मिसाल, मुंबई से आयोध्या तक 1425 किमी की पैदल यात्रा पर निकलीं शबनम
Fri, 29 Dec 2023 09:16 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 29 Dec 2023 09:16 AM IST
सार
एक मुस्लिम होने के बादजूद शबनम का भगवान राम के प्रति अटूट भक्ति है। वह गर्व से कहती है कि भगवान राम की पूजा करने के लिए हिंदी होने की जरूरत नहीं है।
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Mumbai to Ayodhya
- फोटो : Social Media
विस्तार
मुंबई की एक युवा मुस्लिम महिला शबनम मुंबई से आयोध्या तक की यात्रा पर निकली है। इस यात्रा में शबनम के साथ उनके दोस्त रमन राज शर्मा और विनीत पांडे भी हैं। ये सभी 1,425 किलोमीटर की यात्रा पैदल चलकर पूरा करेंगे।
मुस्लिम महिला का भगवान राम के प्रति अटूट भक्ति
एक मुस्लिम होने के बादजूद शबनम का भगवान राम के प्रति अटूट भक्ति है। वह गर्व से कहती है कि भगवान राम की पूजा करने के लिए हिंदी होने की जरूरत नहीं है। केवल एक अच्छा इंसान होना मायने रखता है। शबनम अभी 25-30 किलोमीटर की दूरी तय करके मध्य प्रदेश के सिंधवा पहुंच चुकी है। इस तीर्थयात्रा के दौरान होने वाली थकान को लेकर तीनों युवाओं ने कहा कि उन्हें राम के प्रति उनकी भक्ति प्रेरित करती है। ये तीनों ही सोशल मीडिया पर काफी मशहूर हो चुके हैं, तीर्थयात्रा के रास्ते में जो भी इनसे मिल रहे हैं वे इनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे हैं।
शबनम की सुरक्षा में जुटी पुलिस
शबनम ने कहा, भगवान राम सबसे दिल में है, चाहे उनकी धर्म या जाति कोई भी हो। इस लंबी तीर्थयात्रा के दौरान शबनम यह भी साबित करना चाहती है कि ऐसी चुनौतियां केवल लड़के ही नहीं बल्कि लड़कियां भी ले सकती है। पुलिस ने शबमन की सुरक्षा के अलावा उनके भोजन और अन्य चीजों की व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। महाराष्ट्र के संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस ने उनकी सुरक्षा का ख्याल रखते हुए कठिन परिस्थितियों में उन्हें बाहर निकालने में मदद की। शबनम ने स्पष्ट किया कि उनके आयोध्या पहुंचने की कोई निश्चित तारीख नहीं है।
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मुस्लिम महिला का भगवान राम के प्रति अटूट भक्ति
एक मुस्लिम होने के बादजूद शबनम का भगवान राम के प्रति अटूट भक्ति है। वह गर्व से कहती है कि भगवान राम की पूजा करने के लिए हिंदी होने की जरूरत नहीं है। केवल एक अच्छा इंसान होना मायने रखता है। शबनम अभी 25-30 किलोमीटर की दूरी तय करके मध्य प्रदेश के सिंधवा पहुंच चुकी है। इस तीर्थयात्रा के दौरान होने वाली थकान को लेकर तीनों युवाओं ने कहा कि उन्हें राम के प्रति उनकी भक्ति प्रेरित करती है। ये तीनों ही सोशल मीडिया पर काफी मशहूर हो चुके हैं, तीर्थयात्रा के रास्ते में जो भी इनसे मिल रहे हैं वे इनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे हैं।
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शबनम की सुरक्षा में जुटी पुलिस
शबनम ने कहा, भगवान राम सबसे दिल में है, चाहे उनकी धर्म या जाति कोई भी हो। इस लंबी तीर्थयात्रा के दौरान शबनम यह भी साबित करना चाहती है कि ऐसी चुनौतियां केवल लड़के ही नहीं बल्कि लड़कियां भी ले सकती है। पुलिस ने शबमन की सुरक्षा के अलावा उनके भोजन और अन्य चीजों की व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। महाराष्ट्र के संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस ने उनकी सुरक्षा का ख्याल रखते हुए कठिन परिस्थितियों में उन्हें बाहर निकालने में मदद की। शबनम ने स्पष्ट किया कि उनके आयोध्या पहुंचने की कोई निश्चित तारीख नहीं है।
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