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Everest Base Camp: मुंबई की 10 वर्षीय स्केटर ने एवरेस्ट बेस कैंप तक पर्वतारोहण कर बनाया रिकॉर्ड, जानें इनके बारे में सब कुछ
Sun, 22 May 2022 11:02 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sun, 22 May 2022 11:02 PM IST
सार
रिदम की मां ने कहा कि उनकी बेटी को पांच वर्ष की उम्र से ही पर्वतारोहण से प्यार था और उसकी पहली लंबी ट्रेकिंग दूधसागर की थी और उसके बाद से उसने सहयाद्री पर्वतीय रेंज में माहुली, सोनदई, करनाला और लोहगड की चोटियों की चढ़ाई की।
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10 वर्षीय स्केटर रिदम ममानिया
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
मुंबई की 10 वर्षीय स्केटर रिदम ममानिया माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप तक पर्वतारोहण कर रिकॉर्ड बनाया। वह बेस कैंप की चढ़ाई करने वाले युवा भारतीय पर्वतारोहियों में शामिल हो गई हैं। रिदम ने 5,364 मीटर की ऊंचाई पर स्थित आधार शिविर तक की चढ़ाई 11 दिन में पूरी करके दुर्भल उपलब्धि हासिल की है।
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रिदम के माता-पिता उर्मी और हर्षल भी इस माह के शुरू में इस अभियान के दौरान रिदम के साथ थे। लड़की की मां उर्मी ने रविवार को बताया कि मुंबई के उपनगरीय इलाके बांद्रा स्थित एमईटी ऋषिकुल विद्यालय की पांचवीं कक्षा की छात्र रिदम छह मई को अपराह्न एक बजे माउंट एवरेस्ट के आधार शिविर पहुंची।
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वर्ली की निवासी रिदम ने कहा कि स्केटिंग रिंग हो या आधार शिवर की चोटी, आपका दृढ़ संकल्प ही आपको लक्ष्य की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि स्केटिंग के साथ-साथ ट्रेकिंग हमेशा से मेरा जज्बा रहा है, लेकिन इस ट्रेकिंग ने मुझे यह सीख दी कि जिम्मेदार ट्रेकर होना कितना महत्वपूर्ण है और पर्वतीय कचरा प्रबंधन की समस्या से कैसे निपटा जा सकता है।
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रिदम की मां ने कहा कि उनकी बेटी को पांच वर्ष की उम्र से ही पर्वतारोहण से प्यार था और उसकी पहली लंबी ट्रेकिंग दूधसागर की थी और उसके बाद से उसने सहयाद्री पर्वतीय रेंज में माहुली, सोनदई, करनाला और लोहगड की चोटियों की चढ़ाई की। रिदम नेपाल की कंपनी सतोरी एडवेंचर्स के साथ आधार शिविर गयी थी। कच्छ के कुछ ट्रेकर का एक समूह भी उसके साथ था।