{"_id":"59401fac866419805d8b47d1","slug":"mp-farmers-crisis-traders-stop-buying-in-mandis-oppose-compulsion-to-buy-at-msp","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिवराज की चेतावनी से नाराज व्यापारियों ने बंद की मंडियों में खरीदारी","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
शिवराज की चेतावनी से नाराज व्यापारियों ने बंद की मंडियों में खरीदारी
amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट
Updated Tue, 13 Jun 2017 10:53 PM IST
विज्ञापन
किसानों की उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे खरीदने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की घोषणा से नाराज व्यापारियों ने मध्य प्रदेश की कई थोक मंडियों में अनाज, दालों और तिलहन खरीदारी बंद कर दी है। व्यापारियों ने मंगलवार को सरकार से इस कदम को वापस लेने की मांग की।
सकल अनाज दलहन-तिलहन व्यापारी महासंघ समिति के अध्यक्ष गोपाल दास अग्रवाल ने बताया कि एमएसपी से नीचे अनाज न खरीदने की अनिवार्यता संबंधी घोषणा से कारोबारियों के लिए व्यापार करना मुश्किल हो गया है।
हमने निश्चय किया है कि जब तक इस घोषणा को वापस नहीं लिया जाता तब तक हम मंडियां बंद रखेंगे। बता दें कि बीते एक जून से किसानों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों को शांत करने के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने घोषणा की है, कि राज्य में न्यूनतम समर्थन मूल्य के नीचे कृषि उत्पादों की खरीदारी अपराध मानी जाएगी।
विज्ञापन
समिति ने मंगलवार को राज्य स्तरीय बैठक बुलाई। अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी राज्य सरकार के दूसरे नियमों से भी परेशान हैं, जिसमें कहा गया है कि किसानों को बिक्री का आधा भुगतान कैश में और आधा इंटरनेट बैंकिंग से करना होगा।
उन्होंने बताया कि संगठन के आह्वान पर राज्य की करीब 85 फीसदी मंडियों में कारोबार नहीं हुआ। ध्यान देने वाली बात है कि ऐसे में जब किसान मंडियों तक अपना माल नहीं ला रहे हैं, व्यापारियों द्वारा बुलाई गई यह बंदी सरकार की समस्याएं और बढ़ा सकती है।
विज्ञापन
सकल अनाज दलहन-तिलहन व्यापारी महासंघ समिति के अध्यक्ष गोपाल दास अग्रवाल ने बताया कि एमएसपी से नीचे अनाज न खरीदने की अनिवार्यता संबंधी घोषणा से कारोबारियों के लिए व्यापार करना मुश्किल हो गया है।
विज्ञापन
हमने निश्चय किया है कि जब तक इस घोषणा को वापस नहीं लिया जाता तब तक हम मंडियां बंद रखेंगे। बता दें कि बीते एक जून से किसानों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों को शांत करने के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने घोषणा की है, कि राज्य में न्यूनतम समर्थन मूल्य के नीचे कृषि उत्पादों की खरीदारी अपराध मानी जाएगी।
विज्ञापन
समिति ने मंगलवार को राज्य स्तरीय बैठक बुलाई। अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी राज्य सरकार के दूसरे नियमों से भी परेशान हैं, जिसमें कहा गया है कि किसानों को बिक्री का आधा भुगतान कैश में और आधा इंटरनेट बैंकिंग से करना होगा।
उन्होंने बताया कि संगठन के आह्वान पर राज्य की करीब 85 फीसदी मंडियों में कारोबार नहीं हुआ। ध्यान देने वाली बात है कि ऐसे में जब किसान मंडियों तक अपना माल नहीं ला रहे हैं, व्यापारियों द्वारा बुलाई गई यह बंदी सरकार की समस्याएं और बढ़ा सकती है।