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Morbi Bridge Collapse: ओरेवा ग्रुप के MD जयसुख पटेल ने कोर्ट में किया सरेंडर, अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेजा
Tue, 31 Jan 2023 04:54 PM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोरबी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोरबी
Published by: गुलाम अहमद
Updated Tue, 31 Jan 2023 04:54 PM IST
सार
मोरबी पुल हादसा मामले में जयसुख पटेल का नाम एफआईआर में बतौर आरोपी दर्ज है। जयसुख पटेल ने बीते 20 जनवरी को मोरबी के सेशन कोर्ट में याचिका दायर कर अग्रिम जमानत की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था।
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Jaysukh Patel
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
गुजरात के चर्चित मोरबी पुल हादसा मामले में आरोपी ओरेवा ग्रुप के प्रबंध निदेशक (MD) जयसुख पटेल ने मंगलवार को मोरबी के सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद कोर्ट ने पटेल को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इससे पहले सीजेएम कोर्ट ने जयसुख पटेल के खिलाफ वॉरंट जारी किया था। लेकिन गिरफ्तारी से बचने के लिए पटेल ने मोरबी की सत्र अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।
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ओरेवा ग्रुप के एमडी जयसुख पटेल को 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया
गुजरात के मोरबी शहर की एक अदालत ने बुधवार को ओरेवा समूह के प्रबंध निदेशक जयसुख पटेल को मोरबी सस्पेंशन ब्रिज ढहने से जुड़े एक मामले में सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एम जे खान ने पटेल को आठ फरवरी तक मामले की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की हिरासत में भेज दिया। सरकारी वकील संजय वोरा ने संवाददाताओं को बताया कि एसआईटी ने 14 दिन की रिमांड मांगी थी।
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पुल गिरने से 135 लोगों की मौत हो गई थी
पिछले साल 30 अक्तूबर को गुजरात के मोरबी जिले में मच्छु नदी पर बना पुल गिरने से 135 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद गुजरात पुलिस ने नौ लोगों को गिरफ्तार किया था। जिसमें ओरेवा ग्रुप के चार कर्मचारी शामिल थे। इनमें कंपनी के दो मैनेजर हैं और दो टिकट क्लर्क हैं।
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जयसुख पटेल का नाम एफआईआर में भी बतौर आरोपी दर्ज है। जयसुख पटेल ने बीती 20 जनवरी को मोरबी की सेशन कोर्ट में याचिका दायर कर अग्रिम जमानत की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था। गुजरात पुलिस ने बीते 27 जनवरी को ही मोरबी सस्पेंशन ब्रिज हादसा मामले में 1,262 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट में भी ओरेवा ग्रुप के जयसुख पटेल का नाम बतौर आरोपी शामिल किया गया है।
गुजरात हाईकोर्ट ने जारी किया था जयसुख पटेल की कंपनी को नोटिस
गुजरात हाईकोर्ट भी इस मामले में स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई कर रहा है। हाईकोर्ट ने पिछले महीने मोरबी सस्पेंशन ब्रिज का रखरखाव और संचालन करने वाली कंपनी अजंता मैन्युफैक्चरिंग लिमिटेड (ओरेवा ग्रुप) को नोटिस जारी किया था। इस कार्यवाही में कंपनी को प्रतिवादी बनाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि कंपनी को हादसे से हुई क्षति के भुगतान के लिए उत्तरदायी बनाया जाए।
एक याचिका में दावा किया गया है कि अजंता कंपनी ने पुल की मरम्मत के लिए देवप्रकाश सॉल्यूशंस के साथ अनुबंध किया था। सरकार को जानकारी दिए बिना या फिटनेस प्रमाणपत्र हासिल किए बिना दीपावली की छुट्टियों के दौरान पुल को लोगों के लिए खोल दिया गया।