उत्तर-पूर्व भारत में भूस्खलन और बाढ़ का कहर, दक्षिणी-पश्चिमी हिस्से में सूखे के आसार
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उत्तर और पूर्वी भारत में जगह-जगह मानसूनी बारिश का दौर गुरुवार को भी जारी रहा, जबकिदेश के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्से में कई क्षेत्र पर्याप्त बारिश नहीं होने के चलते सूखे के कगार पर पहुंच गए हैं।
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, बारिश ने हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और उत्तर-पूर्वी राज्यों में मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और असम के बहुत सारे क्षेत्र में अपना रंग जमाया। लेकिन पूरे महाराष्ट्र में मानूसन के जबरदस्त कहर के बावजूद दो दर्जन जिलों की 151 तहसीलों में सूखे की संभावना बन गई है।
आंध्र प्रदेश के भी कई हिस्सों में सूखे के आसार हैं। आंध्र के मुख्यमंत्री वाईएस जगन रेड्डी ने विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन बताया कि राज्य में करीब 48.3 फीसदी कम बारिश हुई है, जिससे कृषि क्षेत्र संकट में आ गया है।
उत्तर-पूर्व में भूस्खलन और बाढ़ का कहर
उत्तर-पूर्वी राज्यों में भारी बारिश के चलते बाढ़ और भूस्खलन का कहर जारी है। पश्चिमी बंगाल के दार्जिलिंग जिले में भूस्खलन के चलते यातायात जाम हो गया। असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने राज्य में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की।
अधिकारियों ने उन्हें बताया कि करीब राज्य के 11 जिलों में करीब 2.5 लाख लोग बारिश के कारण प्रभावित हुए हैं। मेघालय में ईस्ट खासी हिल्स जिले के जिला उपायुक्त ने बताया कि निचले क्षेत्रों में जलभराव के कारण लोग बाढ़ जैसे हालात में फंस गए हैं।