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Money laundering case: अनिल परब लगातार तीसरे दिन हुए ईडी के सामने पेश, मनी लांड्रिंग मामले में हो रही है पूछताछ
Thu, 23 Jun 2022 10:46 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुम्बई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुम्बई
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Thu, 23 Jun 2022 10:46 PM IST
सार
मामला महाराष्ट्र के रत्नागिरि जिले के दापोली इलाके के एक रिजॉर्ट के निर्माण में तटीय विनियमन क्षेत्र के प्रावधानों के कथित उल्लंघन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग का है। ईडी ने राज्य के परिवहन मंत्री अनिल परब को 15 जून को मुंबई में पूछताछ के लिए तलब किया था।
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अनिल परब
- फोटो : Self
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विस्तार
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब गुरुवार को लगातार तीसरे दिन मुंबई में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुए। एक अधिकारी ने बताया कि अनिल परब गुरुवार दोपहर करीब 2 बजकर 45 मिनट पर दक्षिण मुंबई के बलार्ड एस्टेट स्थित ईडी के कार्यालय पहुंचे। गौरतलब है कि इससे पहले ईडी ने बुधवार को महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब से छह घंटे से अधिक और मंगलवार को 10 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी।
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यह मामला महाराष्ट्र के रत्नागिरि जिले के दापोली इलाके के एक रिजॉर्ट के निर्माण में तटीय विनियमन क्षेत्र के प्रावधानों के कथित उल्लंघन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग का है। ईडी ने राज्य के परिवहन मंत्री अनिल परब को 15 जून को मुंबई में पूछताछ के लिए तलब किया था। ईडी ने परब को भेजे समन में कहा था कि वह मनी लॉन्ड्रिंग रोधी कानून के तहत उनसे पूछताछ कर बयान दर्ज करना चाहती है।
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ईडी ने पिछले माह मारे थे छापे
ईडी ने मई में परब और उनसे कथित तौर पर जुड़े लोगों के परिसरों पर छापेमारी की थी। उनके और अन्य के खिलाफ पीएमएलए के तहत एक नया मामला दर्ज किए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई थी। 57 वर्षीय परब महाराष्ट्र में शिवसेना के नेता और तीन बार के विधान परिषद सदस्य हैं। हालांकि, शिवसेना नेता ने किसी भी आरोप से इनकार किया है।
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किरीट सोमैया ने की थी शिकायत
दापोली में परब द्वारा बनाए गए अवैध रिजॉर्ट को लेकर पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने अधिकारियों से कई शिकायतें की थीं। मार्च में आयकर विभाग ने इस सिलसिले में छापेमारी की थी। विभाग को कुछ कागजात मिले थे। इसके मुताबिक परब ने दापोली में 2017 में एक करोड़ रुपये में जमीन खरीदी थी। इसके बाद 2019 में रजिस्टर हुई जमीन 2020 में 1.10 करोड़ रुपये में सदानंद कदम को बेच दी गई थी। जबकि आयकर का अनुमान है कि रिजॉर्ट बनाने में 6 करोड़ खर्च हुए थे। ईडी शिवसेना के सदानंद कदम और संजय कदम से भी पूछताछ कर चुकी है। कदम शिवसेना के पूर्व सांसद रामदास कदम के भाई हैं।
अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा से ईडी ने चार घंटे तक की पूछताछ
पश्चिम बंगाल में कोयला तस्करी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा से बृहस्पतिवार को लगभग चार घंटे तक पूछताछ की। ईडी के समन के बाद रुजिरा साल्ट लेक के सीजीओ परिसर पहुंची थीं। सीबीआई अधिकारियों ने कोयला तस्करी मामले का विवरण जानने के लिए रुजिरा से लंबी बातचीत की। दिल्ली से ईडी की टीम रुजिरा से पूछताछ करने कोलकाता पहुंची है। जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद पूछताछ की जा रही है। शीर्ष अदालत ने कहा था कि रुजिरा बनर्जी से पूछताछ करने से पहले संबंधित क्षेत्र के पुलिस आयुक्त और उच्च पदस्थ अधिकारियों को सूचित किया जाए।
गौरतलब है कि 14 जून को सीबीआई अधिकारियों की एक टीम ने इसी सिलसिले में दक्षिण कोलकाता में रुजिरा के आवास पर उनसे सात घंटे तक पूछताछ की। उनसे मुख्य रूप से थाईलैंड की राजधानी बैंकाक में एक बैंक खाते के बारे में पूछताछ की गई थी, जो उनके पास है। वहां से बड़ी मात्रा में धन हस्तांतरित किया गया था। हालांकि, उन्होंने ऐसे किसी भी बैंक खाते की जानकारी से इनकार किया था।
यूनिटेक के चंद्रा बंधुओं की 257 करोड़ की संपत्ति अटैच
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यूनिटेक के प्रमोटर्स अजय और संजय चंद्रा की 257 करोड़ की संपत्ति अटैच की है। एजेंसी का कहना है कि चंद्रा बंधुओं ने घर खरीदारों की गाढ़ी कमाई का इस्तेमाल तिहाड़ जेल के अधिकारियों को रिश्वत देने में किया।
ईडी ने बयान जारी कर बताया कि अटैच की गई संपत्ति में रिहायशी व वाणिज्यिक इकाइयां, गुरुग्राम, गोवा चेन्नई और कुछ अन्य जगहों पर जमीनें, डिमांड ड्राफ्ट, इक्विटी शेयर और बैंक में जमा रकम शामिल है। ये सभी संपत्तियां सीआईजी (चंद्रा इन्वेस्टमेंट ग्रुप) रियल्टी फंड एंड ऑथेंटिक ग्रुप के नाम पर थीं। ईडी ने 1059 करोड़ रुपये के इस मामले में 14 अटैचमेंट आदेश जारी किए हैं। जांच में पाया गया है कि घर खरीदारों के करीब 244 करोड़ रुपये को अजय व संजय चंद्रा ने अवैध ढंग से ठिकाने लगाया था। जांच में यह भी पाया गया कि चंद्रा बंधुओं ने मकान बनाने के बजाय खरीदारों की 60.25 करोड़ रुपये की राशि ऑथेंटिक ग्रुप में लगा दी ताकि दक्षिणी गोवा में सात सितारा रिसोर्ट बना सके।