Modi Story: पीएम मोदी से मेरी पहली मुलाकात; प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर BJP नेताओं ने साझा किए अनसुने संस्मरण
PM Modi 75th birthday: भाजपा नेताओं ने प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के मौके पर अपने संस्मरण साझा किए हैं। 'मोदी स्टोरी' को लेकर एक विशेष कड़ी में भाजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी पहली और खास अनुभव साझा किया गया है। पढ़ें किस नेता ने क्या संस्मरण साझा किया...
विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का संस्मरण
पीएम मोदी के जन्मदिन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजकोट यात्रा का एक प्रंसग साझा किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर उन्होंने लिखा- राजकोट की यात्रा का वह प्रसंग, जब मोदी जी ने यह संवेदनशील सीख दी कि संगठन में स्वयं से पहले कार्यकर्ताओं का ध्यान रखना चाहिए। उनकी वह सीख आज मेरे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गई है। विश्वास, अपनापन और समर्पण, यही संगठन की आत्मा है और यही मोदी जी की सबसे बड़ी शिक्षा है।
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इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- जब यूक्रेन-रूस युद्ध छिड़ा, तो लगभग 23000 भारतीय छात्र युद्ध क्षेत्र में फंस गए। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना राष्ट्र की सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई। मुझे आज भी वह तत्परता और तीव्रता साफ-साफ याद है जिसके साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे बचाव अभियान की देखरेख की। उनकी सावधानीपूर्वक योजना और व्यक्तिगत भागीदारी ने ऑपरेशन गंगा को सफल बनाया। मुझे याद है कि आधी रात के आसपास मुझे प्रधानमंत्री मोदी जी का फोन आया था। उन्होंने मुझे बताया कि मुझे भारतीय छात्रों को सुरक्षित वापस लाने में मदद करने के लिए स्लोवाकिया जाना होगा। चूंकि यूक्रेनी हवाई क्षेत्र से उड़ानें संचालित नहीं हो सकती थीं, इसलिए छात्रों को पड़ोसी देशों में पहुंचाया जा रहा था। तीन अन्य केंद्रीय मंत्रियों को भी यूक्रेन के कई सीमावर्ती देशों में तैनात किया गया था। अगली सुबह, हम प्रधानमंत्री से मिले और उनका विस्तृत मार्गदर्शन प्राप्त किया। तब तक, उनके कार्यालय द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली गई थीं। वीजा तैयार थे, दस्तावेज तैयार थे, और प्रत्येक निर्दिष्ट देश में स्थानीय टीमें तैनात थीं। हम सरकारी अधिकारियों, स्थानीय अधिकारियों और यहां तक कि जमीनी स्तर पर काम कर रहे गैर-सरकारी संगठनों से भी सीधे जुड़े हुए थे। मुझे प्रधानमंत्री के समन्वय और व्यक्तिगत भागीदारी के स्तर ने प्रभावित किया। उन देशों के स्थानीय अधिकारियों ने भी आश्चर्य व्यक्त किया, यह देखते हुए कि किसी अन्य देश ने इतनी सुव्यवस्थित, त्वरित निकासी प्रक्रिया का प्रबंधन नहीं किया था। ऑपरेशन गंगा प्रधानमंत्री मोदी जी की दूरदर्शिता, योजना और व्यक्तिगत भागीदारी के कारण सफल रहा। इस ऑपरेशन को नजदीक से देखने से मुझे पता चला कि सच्चा नेतृत्व क्या होता है: प्रत्येक नागरिक के प्रति जिम्मेदारी की गहरी व्यक्तिगत भावना।
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वहीं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी 'मोदी स्टोरी' की अपने संस्मरण में कहा- कुछ ही दिनों में हम सभी माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का जन्मदिन सेवा पखवाड़ा 2025 के रूप में मनाएंगे। इस मौके पर मैं अपने अनुभव से बताना चाहती हूं कि मैं क्यों उन्हें एक मजबूत, साथ ही दयालु और संवेदनशील नेता मानती हूं। मुझे आज भी अपने पहले बजट भाषण का दिन अच्छी तरह याद है। लेकिन ये याद किसी बड़ी घोषणा या तालियों की वजह से नहीं है, बल्कि एक अलग कारण से है। बजट भाषण के बाद मैं जैसे ही घर पहुंची, मेरा फोन बजा। कॉल पर खुद माननीय प्रधानमंत्री थे। उनके पहले ही शब्दों में सच्ची चिंता झलक रही थी- 'तुमने अपनी तबीयत का ध्यान क्यों नहीं रखा?' मैं कुछ कह पाती, उससे पहले ही उन्होंने तुरंत अपने निजी डॉक्टर को मेरे घर भेजा और कहा कि मेरी पूरी जांच हो, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि मैं पूरी तरह ठीक हूं।
सबसे खास बात यह है कि यह चिंता सिर्फ उस दिन तक नहीं रही। आज भी वे समय-समय पर मुझे याद दिलाते हैं- 'अपना ध्यान रख रहे हो न? तबीयत ठीक है?' एक ऐसे नेता के लिए, जिनके कंधों पर पूरे देश की जिम्मेदारी है, अपने साथ काम करने वालों के स्वास्थ्य और भलाई की इतनी परवाह करना वाकई अद्भुत है। लोग हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक मजबूत, गंभीर और दृढ़ नेता के रूप में देखते हैं- और वे वाकई ऐसे ही हैं। लेकिन मैंने उनका एक और रूप भी देखा है, कोमल, संवेदनशील और बेहद मानवीय। मजबूती और करुणा का यह अनोखा मेल ही उन्हें सबसे अलग बनाता है।
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वहींं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपना संस्मरण साझा करते हुए कहा कि नागपुर में राष्ट्रीय अभ्यास वर्ग की जिम्मेदारी मुझे सौंपी गई थी। यहां पीएम नरेंद्र मोदी आए तो मैंने उनसे पूछा कि आप यहां कार्यक्रम स्थल पर रहेंगे या बाहर गेस्ट में? तो पीएम मोदी ने कहा कि मैं तो यहीं रहूंगा। मुझे छोटा कमरा दे दो। उस छोटे कमरे में पीएम मोदी दो-तीन दिन तक रुके। उनका कार्यकर्ताओं से जुड़ाव था।
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इस कड़ी में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा- माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच हमेशा जमीनी हकीकत से जुड़ी होती है। आंगनवाड़ी सेवाओं के डिजिटाइजेशन पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा था कि अगर डिजिटाइजेशन चाहिए तो पहले हर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को स्मार्ट डिवाइस देना होगा। आज उसी दृष्टि का परिणाम है कि देशभर की आंगनवाड़ी दीदियों के हाथ में स्मार्ट डिवाइस और ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस उपलब्ध हैं और अब तक लाखों कार्यकर्ताओं को डिजिटल और ऑफलाइन प्रशिक्षण मिल चुका है। बच्चों के पोषण और विकास की निगरानी अब पहले से कहीं अधिक सटीक और प्रभावी हो गई है। यही है दूरदर्शी नेतृत्व की असली पहचान।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर खास संस्मरण पर भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने इंस्टाग्राम पर साझा किए अपने एक वीडियो में लिखा- प्रधानमंत्री पद के आधिकारिक उम्मीदवार होने से पूर्व भी मोदी भाजपा के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता थे पर उस समय भी एक छोटे से वक्तव्य देने के लिए पार्टी व्यवस्था अनुशासन और मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और आचरण किसी भी बड़े और लोकप्रिय नेता के लिए एक अनुकरण उदाहरण है। मई 2013 का मेरा व्यक्तिगत अनुभव इसका प्रमाण है।
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