मोदी-मैक्रों ने की हमास के हमले की निंदा: संयुक्त बयान में लाल सागर पर जताई चिंता, सीमा पार आतंकवाद की निंदा
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो मैक्रों और मोदी ने लग्जरी पैलेस में एक बातचीत की। बातचीत के बाद शुक्रवार देर रात जारी एक संयुक्त बयान जारी किया गया। इसमें उन्होंने कहा कि लाल सागर में स्वतंत्रता को बरकरार रखना और समुद्र के अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने महत्वपूर्ण है।
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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की। पीएम मोदी के साथ बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने लाल सागर सहित मध्यपूर्व के संघर्ष और विस्तार की संभावन पर गंभीर चिंता व्यक्त की। दोनों नेताओं ने लाल सागर में स्वतंत्रता को बरकरार रखने और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने का आह्वान किया। मोदी-मैक्रों ने इस्राइल-हमास युद्ध के साथ-साथ रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी चिंता जाहिर की।
इस्राइल के साथ एकजुटता व्यक्त की
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो मैक्रों और मोदी ने लग्जरी पैलेस में एक बातचीत की। बातचीत के बाद शुक्रवार देर रात जारी एक संयुक्त बयान जारी किया गया। इसमें उन्होंने कहा कि लाल सागर में स्वतंत्रता को बरकरार रखना और समुद्र के अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस्राइल पर आंतकवादी संगठन हमास के हमलों की कड़ी निंदा की गई और इस्राइल के साथ एकजुटता व्यक्त की। बयान में कहा गया कि मौजूदा संघर्ष में नागरिक जीवन पर खतरा है। अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने गाजा में मानवीय युद्धविराम सहित अन्य आवश्यकता पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने इस्राइल के सभी बंधकों की रिहाई का आह्वान किया वह भी बिना किसी शर्त के। दोनों नेताओं ने सहमति दी कि मौजूदा संघर्ष का समाधान दो राज्य की नीति से ही संभव है।
सीमा पार आंतकवाद की भी निंदा
बयान में दोनों नेताओं ने यूक्रेन में मानवीय क्षति पर चिंता जाहिर की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का हवाला दिया। उन्होंने खाद्य सुरक्षा पर भी बात की कि इस वजह से विकासशील और विकसित देश प्रभावित हो रहे हैं। दोनों नेताओं ने सीमा पार बढ़ते आंतकवाद की निंदा की और वैश्विक खतरे के खिलाफ एक साथ खड़े होने का संकल्प लिया। मोदी-मैक्रों इस बात पर सहमत हुए कि किसी भी देश को आंतकी कृत्यों को वित्तपोषित नहीं करना चाहिए और न ही किसी को पनाह देनी चाहिए। नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आह्वान किया।
भारत यात्रा के दौरान मैक्रों ने कहा कि फ्रांस और भारत के बीच दोस्ती लंबे समय तक कायम रहे। राष्ट्रपति भवन में रात्रिभोज के दौरान गर्मजोशी से हुए स्वागत के लिए उन्होंने आभार व्यक्त किया। उन्होंने भारत की जी20 की शानदार सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मैं अपनी पूर्व राजकीय यात्रा के पांच साल बाद और जी20 के पांच महीने बाद दोबारा यहां आया हूं, मुझे इस बात की बेहद खुशी है। भारत के एतिहासिक दिन पर यहां आया, जिसके लिए मैं बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा लगता नहीं है कि हम अलग रह सकते हैं, जिसकी मुख्य वजह है मजबूत और खास रिश्ते।