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सुशासन दिवस: 'पीएम मोदी के कार्यकाल में प्रशासनिक सुधार', सरकार बोली- कामकाज में बाधा वाले नियम हटाए
Tue, 24 Dec 2024 11:10 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 24 Dec 2024 11:10 PM IST
सार
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने पारदर्शिता, नवाचार और जनता केंद्रित नीतियों के जरिए भारत में शासन के अर्थ को नया रूप दिया है। जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार ने लगभग 2,000 पुराने नियमों को खत्म कर दिया, जिससे शासन को सरल और नागरिकों के अनुकूल बनाया गया है।
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जितेंद्र सिंह, केंद्रीय मंत्री
- फोटो : ANI
विस्तार
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने करीब 2,000 पुराने और अव्यावहारिक नियमों को नियमों को खत्म कर दिया। ये नियम काम करने की आसानी में बाधा डाल रहे थे। सिंह ने यह बात सुशासन दिवस के मौके पर कही। यह दिवस पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती के मौके पर मनाया जा रहा है। जितेंद्र सिंह ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने करीब 2,000 पुराने और अप्रचलित नियमों को खत्म किया है। इससे सरकार का कामकाज आसान हो गया है और लोगों को काम करने में दिक्कतें कम हुई हैं।
युवा खुद कर रहे प्रमाणपत्र का सत्यापन
उन्होंने कहा कि जब मोदी सरकार 2014 में सत्ता में आई थी, तो पहले जो नियम थे, उनमें युवा वर्ग को अपनी डिग्री और दस्तावेजों पर राजपत्रित (गजटेड) अधिकारी से प्रमाणपत्र लेना पड़ता था। लेकिन, मोदी सरकार ने यह नियम खत्म कर दिया। जिससे अब लोग खुद अपने दस्तावेज प्रमाणित कर सकते हैं। यह कदम युवाओं के लिए बहुत मददगार साबित हुआ।
इंटरव्यू की प्रक्रिया बदली
केंद्रीय मंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने साल 2016 में यह फैसला लिया था कि निचले पद पर नियुक्ति के लिए इंटरव्यू की प्रक्रिया को खत्म किया जाए। इससे भर्ती प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी हुई।
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सरकारी पेंशन के नियमों में सुधार हुआ
उन्होंने आगे कहा, सरकार ने पेंशन के नियमों में भी सुधार किया, ताकि वरिष्ठ नागरिकों और तलाकशुदा बेटियों को लाभ हो। साथ ही, स्वच्छता को शासन का हिस्सा बनाया गया। पहले शौचालय बनाने का काम शुरू हुआ था। अब यह स्वच्छता अभियान को और बड़े स्तर पर लागू किया गया है।
पुराने सामान और कचरे को बेचकर की कमाई
मंत्री ने आगे कहा, सरकार ने पुराने सामान और कचरे को बेचकर 2,364 करोड़ रुपये की आय भी प्राप्त की है। इसके बाद जो जगह खाली हुई, उसे नए तरीके से इस्तेमाल किया गया या फिर उसे वापस कार्यालय के लिए उपयोग में लाया गया। जितेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी को दूरदर्शी नेता बताया और कहा कि उनके नेतृत्व में पूर्वोत्तर भारत में विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र अब एक मॉडल बन चुका है।
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युवा खुद कर रहे प्रमाणपत्र का सत्यापन
उन्होंने कहा कि जब मोदी सरकार 2014 में सत्ता में आई थी, तो पहले जो नियम थे, उनमें युवा वर्ग को अपनी डिग्री और दस्तावेजों पर राजपत्रित (गजटेड) अधिकारी से प्रमाणपत्र लेना पड़ता था। लेकिन, मोदी सरकार ने यह नियम खत्म कर दिया। जिससे अब लोग खुद अपने दस्तावेज प्रमाणित कर सकते हैं। यह कदम युवाओं के लिए बहुत मददगार साबित हुआ।
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इंटरव्यू की प्रक्रिया बदली
केंद्रीय मंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने साल 2016 में यह फैसला लिया था कि निचले पद पर नियुक्ति के लिए इंटरव्यू की प्रक्रिया को खत्म किया जाए। इससे भर्ती प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी हुई।
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सरकारी पेंशन के नियमों में सुधार हुआ
उन्होंने आगे कहा, सरकार ने पेंशन के नियमों में भी सुधार किया, ताकि वरिष्ठ नागरिकों और तलाकशुदा बेटियों को लाभ हो। साथ ही, स्वच्छता को शासन का हिस्सा बनाया गया। पहले शौचालय बनाने का काम शुरू हुआ था। अब यह स्वच्छता अभियान को और बड़े स्तर पर लागू किया गया है।
पुराने सामान और कचरे को बेचकर की कमाई
मंत्री ने आगे कहा, सरकार ने पुराने सामान और कचरे को बेचकर 2,364 करोड़ रुपये की आय भी प्राप्त की है। इसके बाद जो जगह खाली हुई, उसे नए तरीके से इस्तेमाल किया गया या फिर उसे वापस कार्यालय के लिए उपयोग में लाया गया। जितेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी को दूरदर्शी नेता बताया और कहा कि उनके नेतृत्व में पूर्वोत्तर भारत में विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र अब एक मॉडल बन चुका है।