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मिजोरम: थेन्जॉल-सेलसिह में कॉलेज भवन-हॉस्टल का उद्घाटन, कृषि मंत्री शिवराज बोले- सरकार किसानों के लिए समर्पित

Thu, 15 May 2025 10:52 PM IST
N Arjun एन अर्जुन
Updated Thu, 15 May 2025 10:52 PM IST
सार

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मिजोरम में हॉर्टिकल्चर कॉलेज और वेटरनरी साइंसेज कॉलेज के नए भवन और छात्रावास का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन किया। उन्होंने मिजोरम की कृषि क्षमता को सराहा और राज्य के किसानों के कल्याण के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री लालदुहोमा व राज्यपाल वीके सिंह ने इस पहल को 'आत्मनिर्भर भारत' और 'विकसित मिजोरम' की दिशा में अहम बताया।

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Mizoram: Union Minister Shivraj Singh Chouhan inaugurated building and hostel in Thenzawl and Selesih
शिवराज सिंह चौहान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से थेन्जॉल स्थित हॉर्टिकल्चर कॉलेज के नव निर्मित अकादमिक सह प्रशासनिक भवन और सेलसिह स्थित वेटरनरी साइंसेज एवं एनिमल हसबैंड्री कॉलेज के नए पीजी छात्रावास का वर्चुअल उद्घाटन किया।

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हालांकि, शिवराज सिंह चौहान स्वयं थेन्जॉल नहीं आ सके, लेकिन उन्होंने डिजिटल माध्यम से उद्घाटन किया और असम के गुवाहाटी और आसपास के क्षेत्रों में प्रतिकूल मौसम के चलते उपस्थित न हो पाने पर खेद जताया। उन्होंने दोपहर के ऑनलाइन सत्र में सभा को संबोधित किया। इस अवसर पर मिज़ोरम के राज्यपाल जनरल डॉ. वीके सिंह (पीवीएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम, सेवानिवृत्त) ने अपने कार्यालय से ऑनलाइन रूप से कार्यक्रम में भाग लिया, जबकि मुख्यमंत्री लालदुहोमा समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में थेन्जॉल में मौजूद रहे।
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अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मिज़ोरम एक सुंदर और भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है, जहां विविध समुदाय रहते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य की उपजाऊ भूमि और अनुकूल जलवायु परिस्थितियां बागवानी (हॉर्टिकल्चर) विकास के लिए आदर्श हैं, हालांकि इसकी पहाड़ी संरचना, गहरी घाटियां और समतल भूमि की कमी के कारण बड़े पैमाने पर खेती एक चुनौती है। उन्होंने कहा कि ये दोनों कॉलेज मिजोरम के किसानों को निरंतर लाभ पहुंचाते रहेंगे और राज्य के विकास में योगदान देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार मिजोरम के किसानों और कृषि कर्मियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, और यह उद्घाटन उसी का उदाहरण है।
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मिजोरम की भूमि का केवल 10 प्रतिशत हो रहा है उपयोगः राज्यपाल
राज्यपाल जनरल डॉ. वीके सिंह ने कहा, मिज़ोरम की अर्थव्यवस्था में कृषि और उससे संबंधित क्षेत्रों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मिजोरम की 55% भूमि बागवानी के लिए उपयुक्त है, लेकिन वर्तमान में केवल लगभग 10% भूमि का ही प्रभावी उपयोग हो रहा है। उन्होंने एफपीओ, सहकारी संस्थाओं, बेहतर आपूर्ति श्रृंखला और बाजार तक बेहतर पहुंच को बढ़ावा देकर विकास की अपार संभावनाओं की ओर संकेत किया। उन्होंने कहा कि थेन्जॉल में हॉर्टिकल्चर कॉलेज की स्थापना केंद्र सरकार द्वारा मिजोरम में बागवानी शिक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो 'आत्मनिर्भर भारत' और 'विकसित मिजोरम' के लक्ष्यों के अनुरूप है। उन्होंने वैश्विक जैविक उत्पाद बाजार में मिजोरम की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया और सतत एवं जैविक बागवानी के प्रयासों को प्रोत्साहित किया।

सीएयू की दोनों संस्थाएं मिजोरम की अमूल्य संपत्तिः लालदुहोमा
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने कहा, केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (सीएयू) के अधीन ये दोनों संस्थान — वेटरनरी साइंसेज एवं एनिमल हसबैंड्री कॉलेज, सेलसिह और हॉर्टिकल्चर कॉलेज, थेन्जॉल — मिजोरम की अमूल्य संपत्ति हैं, जो न केवल राज्य और उत्तर-पूर्व बल्कि देशभर के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बागवानी और पशुपालन की अपार संभावनाएं हैं, और ये संस्थान भावी किसानों और छात्रों के लिए एक समयोचित सहयोग हैं। उन्होंने किसान आउटरीच कार्यक्रमों को और अधिक सशक्त करने की आवश्यकता पर बल दिया और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में राज्य सरकार द्वारा वेटरनरी साइंसेज कॉलेज में एक पेस्टीसाइड रेसिड्यू लैबोरेटरी की स्थापना हेतु धनराशि प्रदान की गई है। इन विकास कार्यों से संकाय और छात्रों दोनों के लिए अवसरों में वृद्धि होगी, जिससे अकादमिक वातावरण बेहतर होगा।


केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, इंफाल के कुलपति डॉ. अनुपम मिश्रा ने भी सभा को संबोधित किया और दोनों संस्थानों के विकास तथा विश्वविद्यालय की समग्र प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने केंद्रीय मंत्री, मिजोरम के राज्यपाल और मुख्यमंत्री का उनके नेतृत्व और समर्थन के लिए आभार प्रकट किया।

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