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मिजोरमः मुख्यमंत्री ने किया सांस्कृतिक उत्सव 'चापचार कुट' का उद्घाटन; जानें इस बार की थीम
Fri, 07 Mar 2025 09:48 PM IST
राहुल कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, आइजोल
अमर उजाला ब्यूरो, आइजोल
Published by: राहुल कुमार
Updated Fri, 07 Mar 2025 09:48 PM IST
सार
Mizoram: आइजोल स्थित एआर ग्राउंड में मिजोरम के सबसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पर्व, चापचर कुट का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर मिजोरम की सांस्कृतिक कार्यक्रम ने सबका मन मोहा।
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मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने शुक्रवार को कहा है कि बड़े बुजुर्गों का सम्मान, निःस्वार्थ सेवा, आपसी समझ और एक-दूसरे की मदद करना, यह सभी समाज में सद्भाव और एकता बनाए रखने के लिए आवश्यक मूलभूत मूल्य हैं। उन्होंने अपने मिजो पूर्वजों की समृद्ध परंपराओं को संरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। विशेष रूप से हवाईहांवना की प्रथा – शब्दों और कार्यों के माध्यम से सम्मान पर जोर दिया।
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वे शुक्रवार को आइजोल स्थित एआर ग्राउंड में मिजोरम के सबसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पर्व, चापचर कुट के उद्घाटन के बाद एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मिजो पूर्वजों की उस बुद्धिमानी की भी सराहना की, जो आज भी समुदाय की भलाई और आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान करती है। इस मौके पर मिजोरम की सांस्कृतिक कार्यक्रम ने सबका मन मोहा।
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इस अवसर पर मुख्यमंत्री लालदूहोमा ने इस अवसर पर 'कुट पा' (उत्सव के पिता) के रूप में शिरकत की, जबकि कला और संस्कृति मंत्री सी. लालसाविवुंगा ने 'कुट थ्लेंगतु' (उत्सव के मेज़बान) के रूप में भूमिका निभाई। इस वर्ष का विषय, "जो नुन ज़े मावी – हवाईहांवना" (अच्छा आचरण – दूसरों का सम्मान), मिजो समाज में सम्मान के महत्व को दर्शाता है।
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मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने कहा, उत्सव में विभिन्न कलाकारों और समूहों द्वारा जीवंत सांस्कृतिक प्रदर्शन प्रस्तुत किए गए, जिनमें मिजो सांस्कृतिक संगठन, मपी गायन मंडल, केंद्रीय यमा, कला और संस्कृति विभाग, पीसी गर्ल्स स्कूल, असम सांस्कृतिक समूह, नगालैंड सांस्कृतिक समूह, फिजी सांस्कृतिक समूह, बाम सांस्कृतिक समूह और ह्मार सांस्कृतिक समूह शामिल थे। शाम का समापन संगीत बैंडों द्वारा ऊर्जावान प्रदर्शनों के साथ हुआ, जिसने इस उत्सव को मिजो संस्कृति और धरोहर का भव्य प्रदर्शन बना दिया।
कुट थ्लेंगतु सी. लालसाविवुंगा और केंद्रीय यमा के अध्यक्ष लालह्माचुआना ने भी सभा को संबोधित किया। कर्नल लाल्हमिंगलियाना, सेल्वेशन आर्मी के क्षेत्रीय कमांडर, ने आशीर्वाद की प्रार्थना का नेतृत्व किया, जबकि कला और संस्कृति निदेशक पि कैरोल वीएलएमएस दवंगकिमी ने आभार व्यक्त किया।