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‘मिशन गंगे’ में हटाया गया 55 टन कचरा: बछेंद्री पाल
भाषा, जमशेदपुर
Updated Thu, 01 Nov 2018 02:53 PM IST
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पर्वतारोही बछेंद्री पाल
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गंगा सफाई के लिए अभियान चला रहीं पर्वतारोही बछेंद्री पाल के एक दल ने बीते एक महीने में इस पवित्र नदी में से 55 टन से अधिक कचरा और अपशिष्ट हटाने में सफलता हासिल की है।
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दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी एवरेस्ट को फतह करने वाली इस पहली भारतीय महिला ने बताया कि उनके 40 सदस्यीय दल ने पाया कि हरिद्वार से पटना तक के 1500 किलोमीटर के रास्ते में गंगा प्रदूषित है। इस दल ने गंगा सफाई के लिए ’’मिशन गंगे’’ अभियान चलाया है।
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पाल ने कहा, ‘‘ हमने हरिद्वार से पांच अक्टूबर से अपने एक महीने लंबे अभियान के तहत नदी से 55 टन कूड़ा और अपशिष्ट निकाला है।’’ पाल ने 1984 में एवरेस्ट पर फतह करने में सफलता हासिल की थी। उन्होंने बताया कि जो कचरा नदी से निकाला गया उसका निस्तारण संबंधित नगरपालिकाओं ने किया। ये दल इस अभियान में सात नगरों तक पहुंचा था।
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पाल ने कहा, ‘‘ स्कूल के बच्चों सहित सैकड़ों लोगों को जागरूक करने में हमें अच्छा अनुभव मिला। ये लोग स्वच्छ गंगा की आवश्यकता को लेकर हर गंतव्य पर हमसे जुड़ गए थे।" उन्होंने नदी को साफ करने के लिए गहन जागरूकता अभियान की वकालत करते हुये कहा कि केंद्र सरकार ने इस उद्देश्य के लिए पहले से ही कई उपाय किए हैं।
उनकी इस 40 सदस्यीय टीम में पर्वतारोही प्रेमलता अग्रवाल भी शामिल हैं। अग्रवाल को ऐसी पहली भारतीय महिला होने का श्रेय प्राप्त है जिन्होंने दुनिया के सभी सातों महादवीप के पर्वत शिखरों पर चढ़ने में कामयाबी हासिल की है। उनके दल में हेमंत गुप्ता, बिनीता सोरेन भी शामिल हैं।
उन्होंने आम लोगों से नदी को प्रदूषकों से मुक्त करने के लिए 'श्रमदान' (स्वैच्छिक कार्य) की अपील की। उनका दल बिजनौर, फर्रुखाबाद, कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी, बक्सर और पटना पहुंचा था। इस टीम में कार्यक्रम के प्रायोजक टाटा स्टील के 26 कर्मचारी भी शामिल थे।