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चिंताजनक: मानसिक तनाव-क्रोध और घबराहट का कारण बना मिसोफोनिया, ध्वनि से पैदा गुस्से से हर 5वां व्यक्ति प्रभावित

Tue, 15 Jul 2025 06:21 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Tue, 15 Jul 2025 06:21 AM IST
सार

मिसोफोनिया एक श्रवण प्रतिक्रिया विकार है, जिसमें व्यक्ति को कुछ विशेष ध्वनियों के प्रति तीव्र नकारात्मक प्रतिक्रिया होती है। ये ध्वनियां आमतौर पर किसी के चबाने, सांस लेने, पेन से लिखने या यहां तक कि घड़ी की टिक-टिक जैसी रोजमर्रा की आवाजें हो सकती हैं। इन ध्वनियों से प्रभावित व्यक्ति में गुस्सा, घृणा, बेचैनी या मानसिक अशांति जैसी प्रतिक्रियाएं देखी जाती हैं।

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Misophonia poses serious challenge for medical science noises produced by sound cause mental stress
तनाव, स्ट्रेस (सांकेतिक) - फोटो : Freepik.com

विस्तार

ध्वनि से पैदा होने वाली आवाजें मानसिक तनाव, क्रोध और घबराहट का कारण बन सकती है। ऐसी ही एक मनोवैज्ञानिक स्थिति है मिसोफोनिया, जो अब चिकित्सा विज्ञान के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विकार जीवनभर पांच में से एक व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है, लेकिन इसकी पहचान और इलाज को लेकर जागरूकता बेहद सीमित है।

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मिसोफोनिया एक श्रवण प्रतिक्रिया विकार है, जिसमें व्यक्ति को कुछ विशेष ध्वनियों के प्रति तीव्र नकारात्मक प्रतिक्रिया होती है। ये ध्वनियां आमतौर पर किसी के चबाने, सांस लेने, पेन से लिखने या यहां तक कि घड़ी की टिक-टिक जैसी रोजमर्रा की आवाजें हो सकती हैं। इन ध्वनियों से प्रभावित व्यक्ति में गुस्सा, घृणा, बेचैनी या मानसिक अशांति जैसी प्रतिक्रियाएं देखी जाती हैं। इस विकार को सबसे पहले वर्ष 2000 में डॉक्टर पावेल जास्त्रेबॉफ ने परिभाषित किया था, हालांकि 20वीं सदी की कई मनोवैज्ञानिक रिपोर्टों में इसका अप्रत्यक्ष उल्लेख मिलता रहा है। यूनिवर्सिटी का न्यूकेस्टल के एक अध्ययन में पाया गया कि मिसोफोनिया वाले लोगों के मस्तिष्क में ऑडिटरी और इमोशनल प्रोसेसिंग सेंटर के बीच अधिक संपर्क होता है।
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मिसोफोनिया के लक्षण
विशेषज्ञ बताते हैं कि मिसोफोनिया के लक्षणों की तीव्रता व्यक्ति की ध्वनियों पर प्रतिक्रिया के प्रकार से निर्धारित होती है।भावनात्मक प्रतिक्रिया में चिड़चिड़ापन,गुस्साऔर घबराहट सामने आती है। शारीरिक प्रतिक्रिया के दौरान दिल की धड़कन तेज होना और मांसपेशियों में तनाव पैदा होता है। व्यवहारिक प्रतिक्रिया में देखा गया है कि पीड़ित उस स्थान से भाग भाग निकलता है या फिर आंखों पर हाथ रख लेता है। यहां तक कि कभी-कभी क्रोध से भरी तीव्र प्रतिक्रिया भी सामने आती है।

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ऐसे होती है समस्या
वैज्ञानिक रूप से अभी तक इसकी कोई स्पष्ट जैविक वजह तय नहीं की गई है, लेकिन न्यूरोलॉजिकल रिसर्च यह संकेत देते हैं कि ब्रेन में ध्वनि को प्रोसेस करने वाले हिस्से (जैसे ऑडिटरी कॉर्टेक्स और एमिगडाला) के बीच असामान्य जुड़ाव इसकी एक वजह हो सकता है। यानी मस्तिष्क कुछ सामान्य ध्वनियों को खतरे या हमले के संकेत के रूप में प्रोसेस करता है, जिससे फाइट या फ्लाइट प्रतिक्रिया शुरू हो जाती है।

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