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वित्त मंत्रालय का दावा- कोविड-19 के बड़े जाखिमों से उबर चुका है देश
Mon, 05 Oct 2020 01:27 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 05 Oct 2020 01:27 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
वित्त मंत्रालय ने दावा किया है कि भारत कोरोना महामारी के बड़े जोखिमों से उबर चुका है। संरचनात्मक और ढांचागत सुधारों की मदद से अर्थव्यवस्था में स्थिरता आ रही है, जो सतत विकास की ओर बढ़ रही है।
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वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामला विभाग ने मासिक रिपोर्ट में कहा है कि उपलब्ध अवसरों को भुनाने के लिए निजी क्षेत्र सहित सभी हितधारकों को नीतिगत सुधार की ओर से बढ़ना होगा, ताकि विकास की क्षमता को वास्तविक रूप दिया जा सके। कोरोना वायरस का जोखिम भी अब कम होता जा रहा है। इस काबू पाने के लिए सरकार ने रणनीतिक रूप से कई कदम उठाए हैं।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि 17-30 सितंबर तक 14 दिन के आंकड़ों को देखें तो पता चलता है कि देश में कोरोना का चरम समाप्त हो चुका है। इस अवधि के सात दिनों में संक्रमण के रोजाना आंकड़े 93 हजार से घटकर 83 हजार पर आ गए हैं, जबकि टेस्ट की संख्या 1.15 लाख से बढ़ाकर 1.24 लाख कर दी गई है।
हालांकि, महामारी के खत्म होने में अभी समय है। बावजूद इसके संक्रमण की दर धीमी होने से आर्थिक सुधार के मोर्चे पर राहत के साथ और कदम उठाए जा सकते हैं।
कृषि से उद्यमों तक किया सुधार
रिपोर्ट के अनुसार, महामारी के दौरान ही सरकार ने कृषि बाजार, श्रम कानून और एमएसएमई की परिभाषा बदलने जैसे महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। इससे इन क्षेत्रों को विकास और रोजगार बढ़ाने का अवसर मिला। श्रम कानून में बदलाव पर 1991 से बातचीत हो रही है, लेकिन इसे लागू नहीं किया जा सका।
नया कानून एमएसएमई की श्रम उत्पादकता बढ़ाए और रोजगार के नए अवसर भी खोलेगा। कृषि बाजार में बदलाव से स्थानीय मंडी को बिचौलियों से आजादी मिली जो सीधे तौर पर किसानों को लाभ पहुंचाएगी।
निर्यात और मुद्रा भंडार में इजाफा
वित्त मंत्रालय ने रिपोर्ट में कहा है कि एक तरफ दुनियाभर में आर्थिक गतिविधियां धीमी हो रही हैं। वहीं, भारत ने सितंबर में बीते साल के मुकाबले 5.3 फीसदी ज्यादा निर्यात किया। विदेशी मुद्रा भंडार भी 25 सितंबर को 542 अरब डॉलर के पार चला गया, जो 13 महीनों के आयात खर्च के लिए पर्याप्त है।
वैश्विक रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर्स ने भी भारत के आर्थिक परिदृश्य को स्थिर रखा है। उसने भरोसा जताया है कि 2021 से भारतीय अर्थव्यवस्था सुधार के साथ तेज विकास की ओर से बढ़ेगी।