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गिलगित-बाल्टिस्तान में तोड़े गए बौद्ध स्मारक, भारत ने पाकिस्तान को चेताया

Wed, 03 Jun 2020 06:50 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Wed, 03 Jun 2020 06:50 PM IST
सार

पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के क्षेत्र गिलगित-बाल्टिस्तान से हाल ही में बौद्ध कलाकृतियों को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया था। अब भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसे लेकर पाकिस्तान को फटकार लगाने के साथ चिंता व्यक्त की है और कहा है कि वह जल्द से जल्द सभी अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों को खाली कर दे। 

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Ministry of External Affairs called upon Pakistan to immediately vacate all illegally occupied territories including Gilgit Baltistan
भारत पाकिस्तान

विस्तार

विदेश मंत्रालय ने आज पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में बौद्ध स्मारकों को तोड़े जाने की कड़ी निंदा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा 'हमने भारत के हिस्से 'गिलगित-बाल्टिस्तान' में स्थित एक अमूल्य भारतीय बौद्ध स्थल के अपमान और तोड़फोड़ को लेकर कड़ी आपत्ति और चिंता जताई है। यह क्षेत्र भारत के हिस्से में आता है लेकिन पाकिस्तान ने इस पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है।'

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विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह गंभीर चिंता का विषय है कि भारत में आने वाले उन हिस्सों में, जहां पाकिस्तान का अवैध कब्जा है, बौद्ध स्मारकों को नष्ट किया जा रहा है और धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों और स्वतंत्रता का हनन किया जा रहा है। 
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जानकारी के अनुसार गिलगित-बाल्टिस्तान के चिलास इलाके में 800 ईसवी की बौद्ध शिलाओं और कलाकृतियों को नुकसान पहुंचाया गया है और उन पर पाकिस्तानी झंडे के चित्र उकेरे गए हैं। ये नक्काशियां और कलाकृतियां पुरातत्व की दृष्टि से बहुत अहम हैं। 
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श्रीवास्तव ने कहा कि प्राचीन सभ्यता और सांस्कृतिक विरासतों का अपमान करने वाली ऐसी घटनाएं निंदनीय हैं। हमने इस अमूल्य पुरातात्विक धरोहर को दोबारा स्थापित करने के लिए और इसे संरक्षित करने के लिए विशेषज्ञों से मांग की है कि वह तत्काल वहां पहुंचें।
 

मंत्रालय ने कहा, 'हमने पाकिस्तान से एक बार फिर कहा है वह अवैध रूप से कब्जा किए सभी क्षेत्रों को तत्काल रूप से खाली कर दे और वहां रहने वाले लोगों के सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनीतिक अधिकारों का उल्लंघन करना बंद करे।'

क्या है गिलगित-बाल्टिस्तान का मसला

बता दें कि गिलगित-बाल्टिस्तान जम्मू-कश्मीर का हिस्सा है, लेकिन चार नवंबर 1947 से यह पाकिस्तान के कब्जे में है। हालांकि, यह पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) का हिस्सा नहीं है। गिलगित-बाल्टिस्तान भौगोलिक और प्रशासनिक दोनों तरह से पीओके से अलग है।  



भारत हमेशा से इसे अपना अभिन्न अंग बताता रहा है। हाल ही में पाकिस्तान सरकार ने गिलगित-बाल्टिस्तान को अलग प्रांत बनाने के लिए यहां चुनाव करवाने की भी योजना बनाई थी। तब भी भारत ने पाकिस्तान के इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई थी।

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