{"_id":"61e7488901bba56f801fc0e4","slug":"minister-of-state-for-it-said-mobile-export-of-15-thousand-crores-from-noida","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूचना प्रौद्योगिकी : नोएडा से 15 हजार करोड़ के मोबाइल का निर्यात, राज्यमंत्री ने कहा- तीन साल में 22 लाख करोड़ का है लक्ष्य","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सूचना प्रौद्योगिकी : नोएडा से 15 हजार करोड़ के मोबाइल का निर्यात, राज्यमंत्री ने कहा- तीन साल में 22 लाख करोड़ का है लक्ष्य
Wed, 19 Jan 2022 04:38 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 19 Jan 2022 04:38 AM IST
सार
सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में दावा किया कि यह विरोधियों को जवाब है, जो कहते हैं कि यूपी में कुछ नहीं हुआ। आईटी क्षेत्र में उत्तर प्रदेश बेहद सीमित समय में तमिलनाडु, कर्नाटक व आंध्रप्रदेश जैसे राज्यों को कड़ी टक्कर दे रहा है।
विज्ञापन
सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोनाकाल में नोएडा इलेक्ट्रॉनिक निर्माण की धुरी के रूप में उभरा है। मोबाइल निर्माता कंपनियों एपल व सैमसंग ने इस दौरान प्रदेश में 40 हजार करोड़ रुपये के मोबाइल फोनों का उत्पादन किया। इनमें से 15 हजार करोड़ रुपये के मोबाइल फोन निर्यात हुए। सरकार अब 2025 तक इस क्षेत्र में 22 लाख करोड़ रुपये के निर्माण का बड़ा लक्ष्य तय करके आगे बढ़ रही है।
विज्ञापन
सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में दावा किया कि यह विरोधियों को जवाब है, जो कहते हैं कि यूपी में कुछ नहीं हुआ। आईटी क्षेत्र में उत्तर प्रदेश बेहद सीमित समय में तमिलनाडु, कर्नाटक व आंध्रप्रदेश जैसे राज्यों को कड़ी टक्कर दे रहा है। प्रधानमंत्री ने 2025 तक क्षेत्र में 22 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया है। हम लक्ष्य को हासिल करने के प्रति आशान्वित हैं। मुख्य तथ्य यह है, लक्ष्य पा लेने के बाद देश के नक्शे में आईटी क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की नई पहचान बनेगी।
विज्ञापन
लक्ष्य हासिल किया, तो कई लाभ
22 लाख करोड़ रुपये के मोबाइल फोनों के निर्माण का लक्ष्य हासिल करने पर आनुपातिक दृष्टि से 14 से 15 लाख करोड़ रुपये का निर्यात होगा। चंद्रशेखर बताते हैं, इसमें उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा होगी। इससे राज्य में रोजगार के नए-नए अवसर पैदा होंगे। समानांतर मोबाइल रिपेयरिंग, स्टार्ट अप सहित कई अन्य व्यवसाय भी विकसित होंगे।
विज्ञापन
दो करोड़ रोजगार के मौके
अनुमान के मुताबिक अल्प समय में ही मोबाइल निर्माण क्षेत्र में पहचान बनाने वाले उत्तर प्रदेश में इससे जुड़े करीब 25 हजार प्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं। अगर निर्माण-निर्यात का लक्ष्य हासिल कर लिया, तो 2025 तक इस क्षेत्र में दो से ढाई करोड़ रोजगार के अवसर बनेंगे।