फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Millions donkeys killed sex enhancing drugs China biggest enemy

Report: यौनवर्धक दवाओं के लिए हर साल मारे जा रहे लाखों गधे, चीन सबसे बड़ा दुश्मन, नहीं रोका तो घट जाएगी संख्या

Wed, 28 Feb 2024 05:54 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: यशोधन शर्मा Updated Wed, 28 Feb 2024 05:54 AM IST
सार

गधों की हत्या और तस्करी के पीछे की सबसे बड़ी वजह एजियाओ की बढ़ती मांग है। एजियाओ को कोला कोरी असीनी या डंकी हाइड ग्लू (गधे में छिपी गोंद) भी कहा जाता है। इसका बड़े पैमाने पर उपयोग चीन की पारंपरिक दवाओं में किया जाता है।

विज्ञापन
Millions donkeys killed sex enhancing drugs China biggest enemy
गधे (सांकेतिक) - फोटो : SOCIAL MEDIA

विस्तार

दुनिया में हर साल 59 लाख गधों को उनकी खाल और यौनवर्धक दवाओं के लिए मारा जा रहा है। एक रिपोर्ट में सामने आया है कि चीन उनकी खाल से एजियाओ का उत्पादन करता है। इसके लिए चीनी कंपनियां और उनके ठेकेदार पूरे अफ्रीका में लाखों गधे मार रहे हैं।

विज्ञापन


रिपोर्ट में बताया गया है कि चीनी कंपनियां गधे की खाल से जिलेटिन प्राप्त कर रही हैं, जिसे चीन में दवाओं के साथ लोकप्रिय मिठाइयों और सौंदर्य उत्पादों में इस्तेमाल किया जाता है। खासकर यौनवर्धक, पौरुष शक्ति और ताकत बढ़ाने वाली दवाइयों के लिए इनकी बहुत ज्यादा मांग है। यदि इसे रोका न गया तो मारे जाने वाले गधों का संख्या 2027 तक 14 फीसदी बढ़कर 67 लाख तक पहुंच सकती है। दुनियाभर में गधों और खच्चरों की बेहतरी के लिए काम करने वाली संस्था द डंकी सैंक्चुअरी ने इस बारे में जारी ताजा रिपोर्ट में इनके शिकार के बारे में पूरी जानकारी दी है।
विज्ञापन


हत्या-तस्करी की बड़ी वजह एजियाओ की बढ़ती मांग
गधों की हत्या और तस्करी के पीछे की सबसे बड़ी वजह एजियाओ की बढ़ती मांग है। एजियाओ को कोला कोरी असीनी या डंकी हाइड ग्लू (गधे में छिपी गोंद) भी कहा जाता है। इसका बड़े पैमाने पर उपयोग चीन की पारंपरिक दवाओं में किया जाता है। चीन ब्यूटी प्रोडक्ट्स में भी इनका इस्तेमाल करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


भारत में भी तेजी से घट रही है गधों की आबादी
ब्रुक इंडिया (बीआई) की ओर से जारी रिपोर्ट 'द हिडन हाईड' के अनुसार 2012 से 2019 के बीच भारत में गधों की आबादी में 61.2 फीसदी की भारी कमी आई है।


गधे की खाल से निकाले गए कोलेजन से बनता है एजियाओ
एजियाओ गधे की खाल से निकाले गए कोलेजन से बनता है। खाल से निकाले जाने के बाद इससे गोलियां, बार या तरल रूप में दूसरी चीजों के साथ मिलाकर अनेक तरह के उत्पाद बनाए जाते है। 2013 में  एजियाओ का उत्पादन 3,200 टन था, जिसके लिए 12 लाख गधों की खालों की जरूरत पड़ी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed