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Drone: पूर्वोत्तर के उग्रवादी समूहों ने बना ली लोकल एयरफोर्स; सुरक्षाबलों की मूवमेंट ट्रैक कर रहे टेथर्ड ड्रोन

Wed, 15 Apr 2026 04:14 AM IST
Jitendra Bhardwaj Jitendra Bhardwaj
Updated Wed, 15 Apr 2026 04:14 AM IST
सार

म्यांमार बॉर्डर और मणिपुर के भीतरी इलाकों में उग्रवादी समूहों के पास हाईटेक ड्रोन पहुंच चुके हैं। इन्हें सुरक्षाबलों पर निगरानी रखने और संवेदनशील प्रतिष्ठानों पर हमले के लिए किया जा रहा है। सीमावर्ती इलाकों में हथियार गिराने के लिए भी ड्रोन की मदद ली जाती है। पहाड़ों और जंगल में टेथर्ड ड्रोन का उपयोग हो रहा है।

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Militant groups in Northeast formed a local air force; tethered drones are tracking movement of security force
drone new - फोटो : istock

विस्तार

पूर्वोत्तर के उग्रवादी समूह खुद को अत्याधुनिक ड्रोन से लैस कर रहे हैं। खुफिया एजेंसियों को जो अलर्ट मिल रहे हैं, उनमें सामने आया है कि उग्रवादी समूह, विदेशी ताकतों की मदद से टेथर्ड सहित दूसरे हैवी ड्रोन हासिल कर रहे हैं। इन्हें लोकल एयरफोर्स का नाम दिया गया है, जो सुरक्षाबलों के लिए चुनौती बन रहे हैं।
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किस ड्रोन की मदद ले रहे उग्रवादी?
टेथर्ड ड्रोन की मदद से उग्रवादी समूह, सुरक्षाबलों की मूवमेंट ट्रैक कर रहे हैं। वायर की मदद से संचालित होने वाला ड्रोन टेथर्ड लगभग 15 घंटे तक आसमान में रह सकता है। अगर जमीन पर स्थित कंट्रोल सेंटर में हैवी बैटरी लगी हैं तो 24 घंटे तक जंगल में सुरक्षाबलों की आवाजाही पर नजर रखी जा सकती है। इसके अलावा ड्रोन के जरिये पूर्वोत्तर के संवेदनशील प्रतिष्ठान, सैन्य ठिकाने और सुरक्षाबलों की मूवमेंट पर हमले का खतरे बढ़ गया है।
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गिरफ्तार विदेशियों से पूछताछ में खुलासा
पिछले दिनों राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आतंकी साजिश रचने के आरोप में सात विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। इनमें छह लोग यूक्रेन के और एक अमेरिकी नागरिक है। अमेरिकी नागरिक को कोलकाता हवाईअड्डे से जबकि यूक्रेन के तीन नागरिकों को लखनऊ से पकड़ा गया। बाकी तीन आरोपी दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किए गए थे।
  • वैध वीजा पर भारत में आए ये लोग अनिवार्य प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट के बिना मिजोरम में चले गए थे। सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि इन्होंने ड्रोन की एक खेप मिजोरम में पहुंचाई है। ये ड्रोन पूर्वोत्तर के दूसरे राज्यों, मणिपुर और नगालैंड में भी पहुंचाए जाने थे।

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उग्रवादी समूहों के पास हाईटेक ड्रोन
खुफिया एजेंसियों को जो जानकारी मिले हैं, उनसे पता चलता है कि पूर्वोत्तर में ड्रग गठजोड़ और उग्रवादी समूह धीरे-धीरे लोकल एयरफोर्स की तरफ बढ़ रहे हैं। वे विभिन्न तरह के ड्रोन हासिल कर रहे हैं। मणिपुर में भी ऐसे ड्रोन देखने को मिले हैं। म्यांमार बॉर्डर और मणिपुर के भीतरी इलाकों में उग्रवादी समूहों के पास हाईटेक ड्रोन पहुंच चुके हैं। इन्हें सुरक्षाबलों पर निगरानी रखने और संवेदनशील प्रतिष्ठानों पर हमले के लिए किया जा रहा है। सीमावर्ती इलाकों में हथियार गिराने के लिए भी ड्रोन की मदद ली जाती है। पहाड़ों और जंगल में टेथर्ड ड्रोन का उपयोग हो रहा है।
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