असम-मेघालय विवाद: 12 में से छह विवादित क्षेत्रों पर समझौते को 29 मार्च को दिया जाएगा अंतिम रूप
असम और मेघालय के बीच सीमा विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। 6 विवादित मामलों पर अंतिम रूप 29 मार्च को दिया जाएगा।
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गृह मंत्रालय ने मतभेद वाले 12 क्षेत्रों में से छह में विवाद को निपटाने के लिए जनवरी में असम और मेघालय के बीच हस्ताक्षरित सीमा समझौते को अंतिम रूप देने के लिए 29 मार्च की तारीख तय की है। मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा दो पूर्वोत्तर पड़ोसियों के वरिष्ठ अधिकारियों को बैठक के लिए दिल्ली में रहने के लिए कहा गया था। एक अधिकारी ने कहा कि हमें नई दिल्ली में 29 मार्च को सीमा समझौते को अंतिम रूप देने पर बैठक के बारे में गृह मंत्रालय से औपचारिक सूचना मिली है। मेघालय के मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि दोनों राज्यों के सीएम और सीमा समिति के अधिकारियों को त्रिपक्षीय बैठक के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है।
पहले बैठक 27 मार्च को होनी थी
पहले यह बैठक 27 मार्च को होनी थी, लेकिन इसे दो दिन के लिए टाल दिया गया। मेघालय और असम के मुख्यमंत्रियों ने पहले चरण में छह स्थानों ताराबारी, गिजांग, हाहिम, बोकलापारा, खानापारा-पिलंगकाटा और रातचेरा में सीमा विवाद को हल करने के लिए 29 जनवरी को गुवाहाटी में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद इसे जांच के लिए गृह मंत्रालय को भेजा गया।
मेघालय को 1972 में असम से अलग राज्य के रूप में बनाया गया था और इसने असम पुनर्गठन अधिनियम, 1971 को चुनौती दी थी, जिससे साझा 884.9 किमी लंबी सीमा के विभिन्न हिस्सों में 12 क्षेत्रों से संबंधित विवाद पैदा हुए थे। दोनों राज्यों के बीच कई बार सीमा विवाद बार भड़के हैं। 2010 में ऐसी ही एक घटना में लैंगपीह में पुलिस गोलीबारी में चार लोग मारे गए थे।