फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   MeToo: Women speaking up against M J Akbar required celebration Priya Ramani tells court

MeToo: प्रिया रमानी बोलीं, एमजे अकबर के खिलाफ बोलने वाली महिलाओं को जश्न मनाना चाहिए

Mon, 14 Dec 2020 04:25 PM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीप्ति मिश्रा Updated Mon, 14 Dec 2020 04:25 PM IST
विज्ञापन
MeToo: Women speaking up against M J Akbar required celebration Priya Ramani tells court
एमजे अकबर

दिल्ली की एक अदालत में पत्रकार प्रिया रमानी ने सोमवार को कहा कि मी टू मुहिम के मद्देनजर 2018  में पूर्व केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर के खिलाफ सच बोलने वाली महिलाओं को जश्न मनाने की आवश्यकता है। साथ ही कहा कि यौन उत्पीड़न पर अपना दर्द बयां करने वाली महिलाओं पर मानहानि का मुकदमा नहीं चलाया जाना चाहिए।

विज्ञापन


बता दें कि रमानी ने अकबर पर करीब 20 साल पहले उनका यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। इस पर अकबर ने रमानी के खिलाफ उन्हें बदनाम करने के लिए आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया था। 
विज्ञापन


अदालत में पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर द्वारा पत्रकार प्रिय रमानी के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि की शिकायत पर सोमवार को अंतिम सुनवाई हुई। इस दौरान प्रिया रमानी की ओर से वकील रेबेका जॉन ने अदालत को बताया कि मी टू आंदोलन के तहत बोलना कोई अपराध नहीं था, अपने साथ हुए गलत को सबके सामने रखना बहुत साहस का काम था।
विज्ञापन
विज्ञापन


वरिष्ठ वकील जॉन ने कहा कि यौन उत्पीड़न के खिलाफ मी टू आंदोलन भारत में 2018 में शुरू हुआ था। मी टू पर बोलना कोई अपराध नहीं है। ये अति साहस का कार्य है, इसके लिए जश्न की आवश्यकता है। ये ऐसे कार्य नहीं हैं, जिनके लिए मानहानि के मामले का सामना करना पड़े।

रमानी के वकील जॉन ने अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट रविंद्र कुमार पांडे को बताया कि मी टू के तहत अपने साथ यौन छेड़छाड़ की घटनाओं को बताने वाली महिलाएं अपराधी नहीं हैं। उन्होंने जज से कहा कि प्रिया रमानी के अतिरिक्त भी 15 अन्य महिला पत्रकारों ने भी अकबर पर ऐसे ही आरोप लगाए। उन्होंने  सवाल पूछते हुए कहा कि इसका मतलब क्या वे सभी महिलाएं झूठ बोल रहीं हैं?


20 महिलाओं ने पूर्व मंत्री पर लगाए आरोप 
अकबर ने 15 अक्तूबर, 2018 को रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दायर की थी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री के पद से 17 अक्तूबर, 2018 को इस्तीफा दे दिया था। अकबर ने मीटू अभियान के दौरान उनपर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली सभी महिलाओं के आरोपों को खारिज किया है। करीब 20 महिलाओं ने पत्रकार के तौर पर अकबर के मातहत काम करने के दौरान उनका यौन उत्पीड़न करने का अकबर पर आरोप लगाया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed