मेघालय: 'यूडीपी के आठ विधायक भाजपा में होंगे शामिल', किर्मेन श्याला का बड़ा दावा, अमित शाह ने क्या भरोसा दिया?
मेघालय में यूडीपी के आठ विधायकों के भाजपा में जाने का दावा सामने आया है। विधायक किर्मेन श्याला के अनुसार अमित शाह ने कोयला खनन, खासी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने और अन्य स्थानीय मुद्दों पर 2028 से पहले कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि भाजपा की राज्य इकाई ने अभी औपचारिक पुष्टि नहीं की है। क्या आठ विधायकों के पाला बदलने से मेघालय की राजनीति बदल जाएगी? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
विस्तार
मेघालय की राजनीति में बुधवार को बड़े राजनीतिक बदलाव की चर्चा तेज हो गई। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी यानी यूडीपी के वरिष्ठ नेता और ख्लिएह्रियात से विधायक किर्मेन श्याला ने दावा किया कि पार्टी के आठ विधायक भाजपा में शामिल होने का फैसला कर चुके हैं। उनके मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के दौरान इन विधायकों को उनकी प्रमुख मांगों पर 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले कार्रवाई का आश्वासन मिला है। हालांकि, भाजपा की राज्य इकाई ने कहा है कि आठ विधायकों के शामिल होने को लेकर उसे अभी केंद्रीय नेतृत्व से आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।
यूडीपी के कितने विधायक भाजपा में जाने का दावा किया गया है?
- किर्मेन श्याला के मुताबिक यूडीपी के आठ विधायक भाजपा में शामिल होने के लिए तैयार हैं और यह संख्या आगे बढ़कर नौ भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के साथ बातचीत हुई है।
- श्याला ने कहा कि भाजपा नेतृत्व को बता दिया गया है कि आठ विधायकों ने पार्टी में शामिल होने का फैसला पक्का कर लिया है। यूडीपी के मेघालय विधानसभा में कुल 12 विधायक हैं, जबकि 60 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के दो विधायक हैं।
विधायकों ने भाजपा में जाने से पहले क्या शर्त रखी?
श्याला के अनुसार अमित शाह ने विधायकों से चार-पांच दिन के भीतर भाजपा में शामिल होने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा था। हालांकि, विधायकों ने पार्टी बदलने से पहले अपनी मांगों पर स्पष्ट आश्वासन मांगा। उनके मुताबिक भाजपा ने भरोसा दिया है कि विधायकों के शामिल होने के तुरंत बाद एक समिति बनाई जाएगी और उनकी मांगों पर एक-एक करके कार्रवाई शुरू की जाएगी। श्याला ने कहा कि विधायकों ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर दिए गए आश्वासन पूरे नहीं होते हैं तो वे अगले दिन ही पार्टी छोड़ सकते हैं।
किन मुद्दों पर भाजपा से मिला आश्वासन?
श्याला के मुताबिक, विधायकों की प्रमुख मांगों में मेघालय में कोयला खनन से जुड़े मुद्दों का समाधान, खासी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करना, मेघालय रेजिडेंट्स सेफ्टी एंड सिक्योरिटी एक्ट को लागू करना और थेम इव मावलोंग की हरिजन कॉलोनी को स्थानांतरित करना शामिल है। श्याला का कहना है कि भाजपा ने 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले इन मुद्दों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इसी आश्वासन को उन्होंने भाजपा में जाने के फैसले की प्रमुख वजह बताया है।
क्या यह फैसला यूडीपी से नाराजगी की वजह से हुआ?
- किर्मेन श्याला ने कहा कि भाजपा में जाने का फैसला यूडीपी या उसके अध्यक्ष मेतबाह लिंगदोह के खिलाफ किसी नाराजगी की वजह से नहीं है।
- उन्होंने मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा के साथ मतभेद की बात से भी इनकार किया। श्याला ने कहा कि मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों के साथ उन्होंने एक परिवार की तरह मिलकर काम किया है।
- उनके मुताबिक पार्टी बदलने की वजह व्यक्तिगत या आपसी विवाद नहीं, बल्कि अपनी मांगों पर मिले आश्वासन हैं।
भाजपा में शामिल होने के बाद क्या बदलेगा?
श्याला के दावे के अनुसार अगर आठ यूडीपी विधायक भाजपा में शामिल होते हैं तो विधानसभा में भाजपा की संख्या दो से बढ़कर 10 हो जाएगी। इससे मेघालय की राजनीति में भाजपा की स्थिति बदल सकती है। हालांकि, मौजूदा समय में इसे आठ विधायकों के भाजपा में औपचारिक रूप से शामिल होने की घोषणा के बजाय श्याला के दावे के रूप में देखा जाना चाहिए। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रिकमैन जी. मोमिन ने भी कहा है कि राज्य इकाई को इस संबंध में केंद्रीय नेतृत्व से अभी आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।