फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   meeting of akhil bharatiya sant samiti in delhi talkatora stadium for ram mandir 

साधु-संतों ने सरकार को दिया अल्टीमेटमः आम चुनाव से पहले शुरू हो राम मंदिर का निर्माण

Mon, 05 Nov 2018 02:01 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 05 Nov 2018 02:01 AM IST
विज्ञापन
meeting of akhil bharatiya sant samiti in delhi talkatora stadium for ram mandir 
saints - फोटो : amar ujala

अखिल भारतीय संत समिति की ओर से आयोजित धर्मादेश सम्मेलन में साधु-संतों ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि आम चुनाव से पहले वह राम मंदिर का निर्माण शुरू करे। संत बोले कि अब और इंतजार नहीं हो सकता। 

विज्ञापन


दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में राम मंदिर के निर्माण को लेकर करीब तीन हजार साधु-संत धर्मादेश सम्मेलन में शामिल हुए। रविवार को इस सम्मेलन का दूसरा दिन था। यहां मंदिर निर्माण को लेकर अलग-अलग विकल्पों पर चर्चा होती रही।
विज्ञापन


अखिल भारतीय संत समाज समिति के अध्यक्ष जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य महाराज ने कहा कि यह पहली बार है जब हिंदू संतों के द्वारा धर्मादेश शुरू किया गया है। उन्होंने केंद्र सरकार से कहा कि क्या यही अच्छे दिन हैं जिनका वादा किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि इससे पहले केवल फतवे जारी हुआ करते थे। ईसाई धर्मगुरु आदेश जारी करते थे। उन्होंने कहा कि रामजन्मभूमि पर कानून बनाओ या अध्यादेश लाओ, इससे कम किसी बात पर समझौता नहीं किया जाएगा। 

रामानंद महाराज ने कहा कि हमें पूरे हिंदू समाज को एक करना है। चाहे बौद्ध हो, कबीर अनुयायी हो या जैन हमें सबको एक साथ लाना है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की सीमा पर घुसपैठ रोकी जाए। एनआरसी की तर्ज पर पूरे देश में अवैध नागरिकों की पहचान कर वापस बांग्लादेश भेजें। उन्होंने कहा जाली प्राणपत्र देने वाले अधिकारियों को दंडित करने का प्रावधान बने। वहीं बाहर से आने वाले हिंदुओं को नागरिक बनाएं। साथ ही कहा कि सरकार को जनसंख्या नियंत्रण कानून भी बनाना चाहिए। 

गाय की हत्या सिर्फ मुस्लिम ही नहीं बल्कि हिंदू भी कर रहे हैं

meeting of akhil bharatiya sant samiti in delhi talkatora stadium for ram mandir 
saints
रामानंद ने गोमंत्रालय के गठन की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि कोई हिंदू गाय न बेचे क्योकि गाय की हत्या सिर्फ मुस्लिम ही नहीं बल्कि हिंदू भी कर रहे हैं। देश के हिंदुओं को भी सोचना पड़ेगा। तुम्हारे द्वारा बेची गई गाय अगर काटी जाती है तो उसका दोष भी तुम्हारे सर लगेगा। गौशालाओं के नाम पर धंधा करने वालों को अब ये बंद करना होगा। उन्होंने कहा कि तुमने कुत्ते पालने शुरू कर दिए हैं गोपालन शुरू करो। 

रामानंद महाराज ने कहा कि रिवर एक्ट लागू करो। हिंदुओं गंगा को गंदा मत करो। पूजन सामग्री को गंगा व अन्य नदियों में मत डालो। उन्होंने कहा कि हिंदू मठ मंदिरों की स्वायत्त बनाया जाए। उन्होंने तीर्थाटन मंत्रालय की भी मांग की है। उन्होंन कहा कि तीर्थों को पर्याटन स्थल के रूप में विकसित न कीजिए। मत का प्रयोग आवश्यक बनाया जाए। न दे तो उसकी सारी सुविधाएं बंद कर देनी चाहिए। नोटा का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि लोटा तो हमारे पास था लोटा कहां से आ गया। नोटा लोकतंत्र का अपमान है। इसलिए राष्ट्रधर्म को समझकर वोट आवश्य करें। 

उन्होंने कहा कि पाप होता देख आंख बंद करने वाले भी अपराधी हैं। 25 नवंबर से अयोध्या, नागपुर और बंगलूरू में तीनों जगहों पर जनसभा होगी। वहीं दिल्ली में भी दोबारा 9 दिसंबर को पांच लाख लोग चार हजार माहत्माओं के साथ धर्म संसद होगी। उन्होंने कहा कि रामसेतु बचाया अब राममंदिर बनाएंगे। क्योंकि झुकना का अब काम नहीं, रुकने का अब नाम नहीं। 9 दिसंबर के बाद देश के 500 जिलों में बड़ी-बड़ी सभाएं करेंगे। 

रामानंद ने कहा कि दिवाली में एक दिया अपने घरों में राम मंदिर के निर्माण के लिए जलाएं। चाइना वाले नहीं मिट्टी के दिए जलाएं। ऐसा करके भारत के गरीब प्रजापति के घर खुशी भेजें। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण की राह प्रशस्त न होने से संत समाज आहत है। वहीं पर सरकार के अनेक कार्यों से संतुष्ट हैं। उन्होंने आखिरी में कहा कि अगर जीवित रहना है, संस्कृति मंदिर मठ बचाना है तो यही सरकार दोबारा लाइये। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed