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मक्का मस्जिद केस: फैसला सुनाने वाले जज के इस्तीफे को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने नहीं किया स्वीकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 19 Apr 2018 02:31 PM IST
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मक्का मस्जिद केस में फैसला देने वाले एनआईए स्पेशल कोर्ट के जज रविंदर रेड्डी के इस्तीफे को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने अस्वीकार कर दिया है और उन्हें फौरन पद संभालने के लिए कहा गया है। यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से मिली है।
आपको बता दें कि मक्का मस्जिद केस में मुख्य आरोपी असीमानंद समेत सभी आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया था। फैसला सुनाने के बाद जज रविंदर रेड्डी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।इस धमाके में 9 लोगों की मौत हो गई थी और 58 लोग घायल हो गए थे। मामले में 10 आरोपियों में से आठ के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी जिसमें नबा कुमार सरकार उर्फ स्वामी असीमानंद का नाम भी शामिल था।
जिन 8 लोगों के खिलाफ चार्जशीट बनाई गई थी उसमें से स्वामी असीमानंद और भारत मोहनलाल रत्नेश्वर उर्फ भरत भाई जमानत पर बाहर थे और तीन लोग जेल में बंद थे। एक आरोपी सुनील जोशी की जांच के दौरान हत्या कर दी गई थी।
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दो और आरोपी संदीप वी डांगे और रामचंद्र कलसंग्रा के बारे में मीडिया रिपोर्टस में दावा किया गया था कि उनकी भी हत्या कर दी गई है। ब्लास्ट मामले में सीबीआई ने सबसे पहले 2010 में असीमानंद को गिरफ्तार किया था लेकिन 2017 में उन्हें सशर्त जमानत मिल गई थी। उन्हें 2014 के समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट केस में भी जमानत मिल गई थी।
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आपको बता दें कि मक्का मस्जिद केस में मुख्य आरोपी असीमानंद समेत सभी आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया था। फैसला सुनाने के बाद जज रविंदर रेड्डी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।इस धमाके में 9 लोगों की मौत हो गई थी और 58 लोग घायल हो गए थे। मामले में 10 आरोपियों में से आठ के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी जिसमें नबा कुमार सरकार उर्फ स्वामी असीमानंद का नाम भी शामिल था।
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जिन 8 लोगों के खिलाफ चार्जशीट बनाई गई थी उसमें से स्वामी असीमानंद और भारत मोहनलाल रत्नेश्वर उर्फ भरत भाई जमानत पर बाहर थे और तीन लोग जेल में बंद थे। एक आरोपी सुनील जोशी की जांच के दौरान हत्या कर दी गई थी।
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दो और आरोपी संदीप वी डांगे और रामचंद्र कलसंग्रा के बारे में मीडिया रिपोर्टस में दावा किया गया था कि उनकी भी हत्या कर दी गई है। ब्लास्ट मामले में सीबीआई ने सबसे पहले 2010 में असीमानंद को गिरफ्तार किया था लेकिन 2017 में उन्हें सशर्त जमानत मिल गई थी। उन्हें 2014 के समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट केस में भी जमानत मिल गई थी।
The resignation of NIA special court judge Ravinder Reddy, who delivered verdict in #MeccaMasjidBlast case, has been rejected by High Court of Andhra Pradesh and Telangana. He has been asked to attend to his duties immediately: Sources pic.twitter.com/JQWLdLcpJh
— ANI (@ANI) April 19, 2018