MEA: 'निमिषा प्रिया की मदद के लिए सरकार कर रही सभी प्रयास', नाटो प्रमुख के बयान पर भी बोला विदेश मंत्रालय
MEA: विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को अपने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में यमन में फांसी की सजा का सामना कर रहीं भारतीय नर्स निमिषा प्रिया के मामले में अपडेट दिया है। इसके साथ ही विदेश मंत्रालय ने रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर नाटो प्रमुख के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी है।
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#WATCH | Delhi | On the case of Nimisha Priya, MEA spokesperson Randhir Jaiswal says, "... The government of India has been offering all possible assistance. We have provided legal assistance and appointed a lawyer to assist the family... We are also in touch with local… pic.twitter.com/AFEm2CfOBK
— ANI (@ANI) July 17, 2025विज्ञापन
उन्होंने आगे कहा कि बीते कुछ दिनों में यह कोशिश की गई है कि पीड़ित परिवार को ज्यादा समय मिले ताकि वे दूसरी पक्ष के साथ कोई आपसी सहमति बना सकें। भारत सरकार इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और आगे भी हर संभव मदद करती रहेगी। इसके अलावा सरकार इस मामले में कुछ मित्र देशों के भी संपर्क में है।
वहीं, नाटो महासचिव मार्क रुटे की उस टिप्पणी पर भी विदेश मंत्रालय ने जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि जो देश रूस से तेल खरीदते हैं, उन्हें सेकंडरी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। इस पर रणधीर जायसवाल ने कहा, 'हमने इस विषय पर आई खबरें देखी हैं और सभी प्रगति पर करीब से नजर रख रहे हैं। मैं साफ कर दूं कि भारत के लोगों की ऊर्जा जरूरतें पूरी करना हमारे लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इस दिशा में हम बाजार में उपलब्ध विकल्पों और वैश्विक हालात को देखते हुए निर्णय लेते हैं।' उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई दोहरा मापदंड नहीं अपनाया जाना चाहिए।
#WATCH | Delhi | On Nato chief Mark Rutte's comment that countries buying Russian oil could face secondary sanctions, MEA spokesperson Randhir Jaiswal says, "We have seen reports on the subject and are closely following the developments. Let me reiterate that securing the energy… pic.twitter.com/SdhmWRQYLL
— ANI (@ANI) July 17, 2025
बता दें कि भारत रूस से तेल खरीदता रहा है, जो पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बावजूद जारी है। अब नाटो प्रमुख के बयान से एक नई बहस छिड़ गई है। इस पर भारत ने साफ कहा है कि उसके अपने नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा जरूरतें हमेशा प्राथमिकता रहेंगी।
इस दौरान भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'यह एक ऐसा मामला है, जिस पर दोनों पक्षों के बीच चर्चा चल रही है। जब कोई बात अंतिम रूप ले लेगी, तो हम जानकारी साझा करेंगे।'
#WATCH | Delhi | On India-US trade deal, MEA spokesperson Randhir Jaiswal says, "This is a matter which is under discussion between the two sides. We will share when something is finalised." pic.twitter.com/HVSZQomyJX
— ANI (@ANI) July 17, 2025
'जनवरी से अब तक 1563 भारतीय अमेरिका से भेजे गए'
वहीं, विदेश मंत्रालय ने अमेरिका से निर्वासित किए गए भारतीयों के बारे में जानकारी साझा करते हुए बताया कि 'इस साल 20 जनवरी से लेकर कल तक, लगभग 1563 भारतीय नागरिकों को अमेरिका से वापस भेजा जा चुका है। इनमें से ज्यादातर भारतीय नागरिक व्यावसायिक उड़ानों से आए हैं।'
#WATCH | Delhi | MEA spokesperson Randhir Jaiswal says, "Since 20 January of this year, till yesterday, some 1563 Indian nationals have been deported from the United States so far. Most of these Indian nationals have come by commercial flight..." pic.twitter.com/6Mqcdjul9H
— ANI (@ANI) July 17, 2025