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Manipur Violence: सीबीआई ने 27 एफआईआर अपने हाथ में ली; इनमें 19 महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़ी

Wed, 30 Aug 2023 05:52 PM IST
रोहित राज नेशनल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
नेशनल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रोहित राज Updated Wed, 30 Aug 2023 05:52 PM IST
सार

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अब तक राज्य पुलिस द्वारा सौंपे गए 27 मामले दर्ज किए हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराध के 19 मामले, भीड़ द्वारा शस्त्रागार लूट से संबंधित तीन, हत्या के दो मामले और दंगा-हत्या, अपहरण और सामान्य आपराधिक साजिश का एक-एक मामला शामिल है।

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Manipur Violence CBI takes over 27 FIRs, including 19 related to crime against women
सीबीआई (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मणिपुर में जातीय हिंसा के सिलसिले में दर्ज 27 प्राथमिकियों की जांच की जिम्मेदारी संभाल ली है। जानकारी के मुताबिक, इनमें से 19 मामले महिलाओं के खिलाफ अपराध के हैं। मणिपुर में लगभग चार महीने हिंसा जारी है। यहां अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

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27 मामलों में फिर से प्राथमिकी दर्ज
सूत्रों की मानें तो सीबीआई ने अब तक राज्य पुलिस की ओर से सौंपे गए 27 मामलों में फिर से प्राथमिकी दर्ज की है। इनमें महिलाओं के खिलाफ अपराध के 19, भीड़ द्वारा शस्त्रागार में लूट के तीन, हत्या के दो और दंगे-हत्या, अपहरण तथा सामान्य आपराधिक षडयंत्र से संबंधित एक-एक मामला शामिल है। एजेंसी ने इन मामलों को फिर से दर्ज किया है, लेकिन पूर्वोत्तर राज्य में मौजूदा स्थिति की संवेदनशीलता के कारण इस बारे में ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है।
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जांच के दौरान पक्षपात के आरोपों से बचने की चुनौती
सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई के शीर्ष अधिकारियों ने मामलों की जांच के लिए देश भर में अपनी विभिन्न इकाइयों से 29 महिलाओं सहित 53 अधिकारियों की एक टीम बुलाई है। मणिपुर में जातीय आधार पर समाज के बंटे होने के चलते सीबीआई के सामने जांच के दौरान पक्षपात के आरोपों से बचने की चुनौती है।
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क्या है मामला?
मणिपुर में अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मैतेई समुदाय की मांग के विरोध में पर्वतीय जिलों में तीन मई को ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद राज्य में जातीय हिंसा भड़क गई थी। राज्य की आबादी में मेइती समुदाय की हिस्सेदारी करीब 53 प्रतिशत है। वे मुख्य रूप से इंफाल घाटी में रहते हैं। वहीं, नगा और कुकी जैसे आदिवासी समुदायों की आबादी 40 प्रतिशत है और उनमें से ज्यादातर पर्वतीय जिलों में रहते हैं।

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