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मणिपुर में तनाव: बंद को लेकर दो आदिवासी समुदायों में हिंसक झड़प, सेनापति और कांगपोकपी में निषेधाज्ञा लागू

Tue, 21 Apr 2026 10:14 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, इंफाल।
पीटीआई, इंफाल। Published by: राकेश कुमार Updated Tue, 21 Apr 2026 10:14 PM IST
सार

मणिपुर में नागा और कुकी समुदायों के बीच बंद को लेकर हुई झड़प के बाद कांगपोकपी में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लगा दी गई हैं। उखरुल में हुई हत्याओं के विरोध में बुलाए गए इस बंद ने अब दो समुदायों के बीच तनाव का रूप ले लिया है, जिसे संभालने के लिए भारी सुरक्षा बल तैनात है।
 

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manipur tribal communities clash senapati kangpokpi shutdown prohibited orders imposed
मणिपुर हिंसा ( प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : आईएएनएस

विस्तार

मणिपुर में जातीय संघर्ष एक बार फिर उबाल पर है। मंगलवार को राज्य के सेनापति और कांगपोकपी जिलों की सीमा पर दो प्रमुख आदिवासी समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई। यह विवाद एक नागरिक संगठन की ओर से बुलाए गए बंद को लागू कराने के दौरान शुरू हुआ। स्थिति को बिगड़ते देख प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163(1) के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
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कैसे हुई टकराव की शुरुआत? 
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, विवाद की जड़ यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) के मार्फत बुलाया गया तीन दिवसीय बंद है। गौरतलब है कि 18 अप्रैल को उखरुल जिले में दो लोगों की हत्या कर दी गई थी, जिसके विरोध में यूएनसी ने 20 अप्रैल की मध्यरात्रि से 72 घंटे के बंद का आह्वान किया था।
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मंगलवार को जब सुरक्षा बल के जवान सड़क पर लगाए गए अवरोधों को हटाने पहुंचे, तो नागा स्वयंसेवक उन्हें रोकने की कोशिश करने लगे। इसी बीच, चंगौबुंग इलाके के कुकी ग्रामीण भी इस हंगामे में शामिल हो गए। देखते ही देखते दोनों गुटों के बीच कहासुनी शुरू हुई और मामला पथराव तक पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के मुताबिक, इस अफरा-तफरी के बीच हवा में कई राउंड गोलियां भी चलाई गईं। हालांकि, गोलीबारी किसने की, इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।
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यह भी पढ़ें: खरगे के बयान पर गरमाई सियासत: चुनाव आयोग पहुंची भाजपा; कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग

इलाके में कर्फ्यू जैसे हालात
हालात को नियंत्रित करने के लिए कांगपोकपी के जिला मजिस्ट्रेट महेश चौधरी ने तत्काल आदेश जारी किए। पुलिस रिपोर्टों में आशंका जताई गई थी कि एस चंगौबुंग, टी खुल्लेन गांवों और नेशनल हाईवे-2 के आसपास के क्षेत्रों में जान-माल का गंभीर खतरा हो सकता है।


नए आदेश के अनुसार, कांगपोकपी उप-मंडल में शाम 6 बजे से अगले आदेश तक लोगों के घर से बाहर निकलने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। मजिस्ट्रेट ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाना अनिवार्य था।

जनजीवन पर व्यापक असर
यूनाइटेड नागा काउंसिल के इस बंद का व्यापक असर नागा बहुल इलाकों में देखने को मिल रहा है। उखरुल, कामजोंग, सेनापति, नोनी और तामेंगलोंग जैसे जिलों में सामान्य जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है। दुकानें, बाजार और शैक्षणिक संस्थान बंद हैं और सड़कों पर वाहनों की आवाजाही न के बराबर है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं कि यह आपसी विवाद राज्य के अन्य हिस्सों में न फैले और शांति व्यवस्था बहाल की जा सके।

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