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मणिपुर: शांति बहाली के लिए सांसदों और विधायकों ने ली शपथ, अरमाबाई तेंगगोल ने सरकार के समक्ष रखी छह मांगें

Wed, 24 Jan 2024 10:21 PM IST
अभिषेक दीक्षित अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल
अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Wed, 24 Jan 2024 10:21 PM IST
सार

अरामबाई तेंगगोल की शुरुआत 2020 में एक सांस्कृतिक संगठन के रूप में हुई थी, लेकिन जल्द ही यह एक कट्टरपंथी संगठन में बदल गया। यह उन दो कट्टरपंथी मैतेई संगठनों में से एक है जिन पर मई 2023 में हुई बड़ी संख्या में मैतेई-कुकी झड़पों में शामिल होने का संदेह है। दूसरा मैतेई लीपुन समूह है।

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Manipur: MPs and MLAs took oath to restore peace Armabai Tenggol placed six demands before the government
सुरक्षा बल (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मणिपुर में भड़की हिंसा के बाद पहली बार, राज्य के घाटी जिलों (विशेष रूप से मैतेई समुदाय) से संबंधित संसद, विधायक और अरामबाई तेंगगोल के सदस्यों ने बुधवार को ऐतिहासिक कांगला किले में बैठक का आयोजन किया। बैठक में इसके तेंगगोल प्रमुख कौरंगनबा खुमान और 36 विधायकों और दो सांसदों सहित अरामबाई तेंगगोल के नेताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान राज्य में शांति बहाली के लिए शपथ ली गई। अरामबाई तेंगगोल के स्वयंसेवक कई वाहनों में अत्याधुनिक हथियार लहराते नजर आए।

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सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अरामबाई तेंगगोल ने राज्य में सामान्य स्थिति लाने के लिए सुनिश्चित करने के लिए छह प्रमुख मांगें रखीं। राज्य में 1951 को आधार वर्ष मानकर एनआरसी लागू करना और अवैध अप्रवासियों को निर्वासित करना। कुकी उग्रवादियों के साथ सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन (एसओओ) समझौते को रद्द करना और उनके खिलाफ कार्रवाई करना। राज्य में रह रहे म्यांमार के शरणार्थियों को मिज़ोरम में स्थानांतरित करना। भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने में तेजी लाना। असम राइफल्स को तटस्थ केंद्रीय बल से प्रतिस्थापित करना, क्योंकि उनका आरोप है कि असम राइफल्स के अधिकार क्षेत्र के भीतर अवैध पोस्त की खेती हो रही है और राज्य के लोगों को अब बल पर भरोसा नहीं है। अवैध कुकी अप्रवासियों को एसटी सूची से हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
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सूत्रों के मुताबिक, बैठक के बाद कौरंगनबा खुमान ने इम्फाल के इमा मार्केट में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित किया। इसमें हिस्सा लेने के लिए विभिन्न इकाइयों अरामबाई तेंगगोल के दस से बारह हजार स्वयंसेवक वाहनों में इंफाल पहुंचे थे। इस दौरान कुछ वाहनों में एलएमजी जैसे अत्याधुनिक हथियार लगे हुए थे और कुछ स्वयंसेवकों को खुलेआम अत्याधुनिक हथियार लहराते देखा गया। हालांकि, इस दौरान केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और शीर्ष पुलिसकर्मियों की बड़ी संख्या में तैनात की गई थी, लेकिन सुरक्षाबल विवश नजर आए।
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क्या है अरामबाई तेंगगोल समूह?
सूत्रों के मुताबिक, अरामबाई तेंगगोल की शुरुआत 2020 में एक सांस्कृतिक संगठन के रूप में हुई थी, लेकिन जल्द ही यह एक कट्टरपंथी संगठन में बदल गया। यह उन दो कट्टरपंथी मैतेई संगठनों में से एक है जिन पर मई 2023 में हुई बड़ी संख्या में मैतेई-कुकी झड़पों में शामिल होने का संदेह है। दूसरा मैतेई लीपुन समूह है।

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